रांची, [जागरण स्पेशल]। Babulal Joins BJP पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा की भारतीय जनता पार्टी में विलय की तैयारियों के बीच झाविमो की टिकट पर चुने गए दो विधायकों प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के सुर बदल गए हैं। वे अब कभी भी कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। इस लिहाज से इन दोनों विधायकों ने कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह की अगुआई में नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात भी की। हालांकि बाबूलाल की दोनों उलटन-पलटन को लेकर कांग्रेस में स्थिति बहुत अनुकूल नहीं दिख रही।कांग्रेस प्रदेश इकाई की अनदेखी कर पार्टी में शामिल कराए जा रहे इन दो विधायकों में पूर्व मंत्री रहे बंधु तिर्की के प्रति कांग्रेसियों का रुख तो थोड़ा नरम है, लेकिन प्रदीप यादव को लेकर कांग्रेस में बगावत छिड़ गई है। कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और अल्पसंख्यक चेहरे इरफान अंसारी ने प्रदीप के कांग्रेस ज्वाइन करने की सूरत में इस्तीफे तक की चेतावनी दे दी है।इधर बंधु तिर्की की बेबाकी का आलम यह है कि उन्होंने मीडिया से बातचीत में सीधे-सपाट लहजे में कहा कि हां जा रहे कांग्रेस में। जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा कर दूंगा। वहीं प्रदीप यादव के लिए कांग्रेस की राह मुश्किल नजर आ रही है। प्रदीप ने ताजा विवादों पर सीधी टिप्पणी से बचते हुए अब भी सस्पेंस बना रखा है। उन्होंने कहा कि किसके साथ जा रहा हूं, इसके लिए 2 फरवरी तक इंतजार करें। सब पता चल जाएगा।झाविमो के कील-कांटे दुरुस्त, भाजपा में विलय का कभी भी औपचारिक एलानभारतीय जनता पार्टी में विलय से पहले झाविमो ने जहां अपनी कार्यसमिति पुनर्गठित कर ली है। वहीं अपने दोनों बागी विधायकों प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को इससे बाहर का रास्ता दिखा दिया है। प्रदीप यादव को तो विधायक दल का नेता पद से भी हटा दिया गया है। ऐसे में बाबूलाल ने भाजपा में जाने को लेकर एक तरह से अपने इरादे साफ कर दिए हैं। कहा जा रहा है कि बाबूलाल मरांडी ने केंद्रीय कमेटी के साथ ही जिला कमेटी से भी भाजपा में विलय का प्रस्ताव ले लिया है। सभी की रायशुमारी के बाद अंदरखाने मर्जर की तारीख तक तय हो गई है। हालांकि पार्टी की ओर से किसी नेता ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है।बाबूलाल मरांडी बन सकते हैं भाजपा विधायक दल के नेताबीते झारखंड विधानसभा चुनाव में झामुमो, कांग्रेस और राजद के महागठबंधन के हाथों हारकर सत्ता गंवा चुकी भारतीय जनता पार्टी के इस बार 25 विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे हैं। हालांकि पार्टी अब तक अपने विधायक दल का नेता का चेहरा तय नहीं कर पाई है। माना जा रहा है कि बाबूलाल की पार्टी झाविमो की भाजपा में विलय के सूरत में बाबूलाल को भाजपा विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके साथ ही भाजपा संगठन की प्रदेश कमेटी भी पुनर्गठित की जाएगी। संभव है कि प्रदेश अध्यक्ष के पद पर भी किसी आदिवासी को ही बिठाया जाएगा। सत्ता से बेदखल होने के बाद आदिवासी चेहरे को आगे कर बीजेपी झारखंड में एक बार फिर से जनता के बीच पैठ गहरी करने में जुटी है।Posted By: Alok Shahiडाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस
Source: Dainik Jagran January 26, 2020 15:22 UTC