फैक्ट चेक / ट्रेन में एक यात्री को अल्पसंख्यक परिवार द्वारा मारे जाने के दावा झूठा, घटना को दिया जा रहा सांप्रदायिक रंग - News Summed Up

फैक्ट चेक / ट्रेन में एक यात्री को अल्पसंख्यक परिवार द्वारा मारे जाने के दावा झूठा, घटना को दिया जा रहा सांप्रदायिक रंग


क्या वायरल : पोस्ट वायरल हो रही है। दावा है कि, ट्रेन में जगह मांगने पर एक हिंदू यात्री को अल्पसंख्यक परिवार के 12 सदस्यों ने मिलकर इतना मारा कि उसकी जान चली गईक्या सच : जनरल डिब्बे में सीट मांगने पर एक व्यक्ति को कुछ लोगों ने मिलकर इतना मारा कि उसकी जान चली गई। मारने वाले मुस्लिम नहीं बल्कि हिंदू ही थे।Dainik Bhaskar Feb 17, 2020, 09:55 AM ISTफैक्ट चेक डेस्क। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि सागर नाम के व्यक्ति के साथ अल्पसंख्यक परिवार के 12 सदस्यों ने मिलकर मारपीट की। पोस्ट में यह भी लिखा गया है कि ट्रेन में सीट को लेकर यह विवाद हुआ था लेकिन मीडिया ने इसे नहीं दिखाया। हमारी पड़ताल में यह दावा झूठा निकला।क्या वायरलवायरल मैसेज में लिखा है कि ' 26 वर्षीय सागर अपनी पत्नी को बच्ची के साथ पुणे से ट्रेन में सफर कर रहे थे। जनरल डिब्बे में बुर्का पहनी एक महिला से उन्होंने अपनी पत्नी के बैठने के लिए थोड़ी जगह देने का निवेदन किया, महिला के साथ बैठे 12 पारिवारिक सदस्यों ने सागर के साथ लिंचिंग की जिसमें उनकी मौत हो गई, किसी ने इसे सेकुलरिज्म के चलते कवर नहीं किया'कई यूजर्स ने इस घटना को सोशल मीडिया पर शेयर किया है।क्या है सच्चाईगूगल कीवर्डस सर्चिंग में हम पता चला कि इस घटना को कई मीडिया संस्थानों ने प्रकाशित किया है लेकिन किसी भी रिपोर्ट में यह नहीं लिखा गया कि यह हिंदू-मुस्लिम का मामला है या बुर्का पहनी महिला से बातचीत के बाद झगड़ा शुरू हुआ।दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, बई-लातूर-बीदर एक्सप्रेस में सीट के विवाद में 12 लोगों ने पीट-पीटकर कर एक 26 वर्षीय युवक की हत्या कर दी।पुलिस ने सभी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर 7 पुरुषों और पांच महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है।रेलवे पुलिस सुपरीटेंडेंट दीपक सतोरे ने बताया कि कल्याण के रहने वाले सागर मार्कंड, पत्नी ज्योति और दो साल की बेटी के साथ ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। बेटी के रोने पर सागर ने कोच में बैठी कुछ महिलाओं से अपनी पत्नी को बैठाने के लिए कहा। इससे नाराज महिलाएं सागर से लड़ने लगी। 6-7 पुरुष और 5 महिलाओं ने सागर को घेर लिया और उनसे मारपीट करने लगे। पुलिस ने सभी आरोपियों को आईपीसी की धारा 302, 34, 504, 323, 146 और 147 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।सेंट्रल रेलवे ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी इस बात की पुष्टि की है कि इस घटना में कोई दो समुदाय शामिल नहीं थे। यह ट्रेन के एक डिब्बे में सीट बंटवारे को लेकर झगड़ा था। इसे कम्यूनल एंगल देने से बचना चाहिए।There were no two communities involved in this incident. It was a fallout of a tiff over seat-sharing in a compartment of the train. Refrain from giving a communal angle to it. Please do not spread unverified and fake news. — Central Railway (@Central_Railway) February 15, 2020महाराष्ट्र टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में इस घटना में शामिल लोगों के नाम की पहचान की है। रिपोर्ट के मुताबिक, ताराबाई मारुति पवार, जमुना दत्ता काले, ताई हनुमंत पवार, कलावती धोंडिबा चव्हाण, गंगूबाई नामदेव काले, रूपम सोमनाथ चव्हाण, निकिता अशोक काले, हनुमंत गणपत पवार, अशोक आपा काले, सोनू अप्पा काले और गणेश शिवाजी चव्हाण इसमें शामिल थे।निष्कर्ष : पड़ताल से स्पष्ट होता है कि सोशल पर किया जा रहा दावा फर्जी है। इस घटना को सांप्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा है।


Source: Dainik Bhaskar February 16, 2020 13:18 UTC



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