Dainik Bhaskar Feb 17, 2019, 09:01 AM ISTपुलवामा से गुजरने के दौरान ट्रकों की आवाजाही के कारण सीआरपीएफ का काफिला धीमा हुआइसके बाद फिदायीन आतंकी ने दूसरी कोशिश में विस्फोटक से लदी एसयूवी जवानों की बस से भिड़ा दीसीआरपीएफ के 78 वाहनों के काफिले की 5वीं बस हमले का शिकार हुई, इसमें 39 जवान सवार थेश्रीनगर. पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए फिदायीन हमले में जख्मी एक जवान ने बताया है कि जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी पहली कोशिश में अपनी गाड़ी काफिले में नहीं घुसा पाया था। वह दो बसों के बीच में गाड़ी घुसाना चाह रहा था, लेकिन रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) के जवान आगे आ गए। इसके बाद उसने काफिले की 5वीं बस में गाड़ी भिड़ा दी। गुरुवार को हुए इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।गृह मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को अस्पताल में जवानों का हालचाल जानने के लिए पहुंचे थे। उन्होंने हमले के चश्मदीद जवान और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। राजनाथ सिंह ने जवान से पूछा- क्या आपने हमलावर की गाड़ी को देखा था? जवान ने कहा- हां सर। काफिला थोड़ा स्लो हो गया था। इसी दौरान एक गाड़ी दाईं तरफ से आई। फिर रोड ओपनिंग पार्टी की बस से जवान आगे आए, तो वह (आतंकी) गाड़ी को दोनों बसों के बीच में नहीं घुसा पाया।ट्रक आ रहे थे, इसलिए काफिला स्लो हो गया: चश्मदीदराजनाथ ने जवान से दूसरा सवाल पूछा- जो बस जा रही थी, वो अचानक स्लो क्यों हो गई थी? जवान ने बताया कि बीच में ट्रक चल रहे थे, इस दौरान ट्रकों को साइड किया जा रहा था। इसके बाद गृह मंत्री ने अस्पताल में मौजूद सीआरपीएफ के आला अफसर से कहा- यही प्रॉब्लम है। इसी के चलते सरकार ने फैसला लिया है कि जब जवानों का काफिला गुजरे तो उस रास्ते पर आम वाहनों की आवाजाही रोक दी जाए।80 किलो हाई-ग्रेड आरडीएक्स इस्तेमाल होने का शकअफसरों के मुताबिक, "सुरक्षा एजेंसियों को पता चला है कि काफिले पर हमले में लगभग 80 किलो हाई-ग्रेड आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था। बस के बचे हुए हिस्सों को देखकर पता चलता है कि इस हमले में आईईडी का इस्तेमाल नहीं हुआ।'' शुरुआती जानकारी में माना जा रहा था कि इस तरह का जानलेवा हमला हाई-ग्रेड आरडीएक्स से ही संभव है।काफिले की 5वीं बस को आतंकी ने मारी टक्करअफसरों के मुताबिक, सीआरपीएफ के काफिले में 78 वाहन थे। इनमें 16 बुलेट प्रूफ बंकर भी शामिल थे। आतंकी हाईवे पर काकापोरा-लेलहर की तरफ से आया और काफिले के समांतर ही चल रहा था। उसने काफिले की 5वीं बस में गाड़ी टकरा दी। इस बस में बैठे 39 जवान शहीद हो गए। इसके अलावा रोड ओपनिंग पार्टी का एक जवान भी शहीद हुआ। घाटी में खराब मौसम के चलते सुरक्षाबलों के काफिलों की आवाजाही रुकी थी। 4 फरवरी को ही 91 वाहनों का काफिला जिसमें 2871 जवान शामिल थे, जम्मू से कश्मीर पहुंचा था।
Source: Dainik Bhaskar February 17, 2019 01:30 UTC