सीआरपीएफ के सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 78 वाहनों (इसमें 16 वाहनों को जोड़ा गया, जब यह दोपहर 2.15 बजे काजीगुंड पहुंचा) के काफिले को लगभग वीरान सड़क से भेजना असमान्य था. ऐसा प्रतीत होता है कि काफिले की सुरक्षा को करीब-करीब हरी झंडी दी गई थी. सीआरपीएफ की रोड ओपनिंग पार्टी (रोप) रोज सुबह आईईडी की उपस्थिति को जांचने के लिए राजमार्गो की जांच करती है. काफिले में मौजूद सीआरपीएफ के एक जवान ने कहा कि जबरदस्त धमाके ने सभी को चौंका दिया. उसने कहा कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के एक स्थानीय फिदायीन अदिल अहमद डार ने यह हमला किया.
Source: NDTV February 17, 2019 03:45 UTC