बड़ी संख्या में लंबित हैं आईटीआर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक आदेश में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक रूप से भरे गए बड़ी संख्या में आईटीआर (आकर रिटर्न) अभी भी लंबित पड़े हैं। इसका कारण आईटीआर-5 (सत्यापन) फार्म संबंधित करदाताओं द्वारा ‘सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी) बेंगलुरू नहीं भेजना है।रिटर्न के सत्यापन की अनुमति आदेश के अनुसार समय पर आईटीआर-5 नहीं जमा करने से रिटर्न को ‘नहीं भरा हुआ’ यानी अवैध घोषित कर दिया जाता है। इससे जुड़ी शिकायतों का एकबारगी समाधान के इरादे से सीबीटीडी ने आकलन वर्ष 2015-16, 2016-17, 2018-19 और 2019-20 के लिए इलेक्ट्रॉनिक रूप से फाइल किए गए कर रिटर्न के सत्यापन की अनुमति दी है।30 सितंबर तक सत्यापन जरूरी इसके तहत या तो आईटी-5 फार्म पर दस्तखत कर उसे सीपीसी बेंगलूरु भेजना होगा या फिर ईवीसी/ओटीपी के जरिए इसका सत्यापन किया जा सकता है। इस प्रकार के सत्यापन को 30 सितंबर 2020 तक पूरा किया जाना जरूरी है। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह छूट उन मामलों में लागू नहीं होगी, जिसमें इस दौरान आयकर विभाग ने रिटर्न को ‘‘नहीं भरा हुआ’ घोषित किए जाने के बाद संबंधित करदाताओं के कर रिटर्न भरना सुनिश्चित करने के लिए कानून के तहत पहले से कोई कदम उठाया है।
Source: Navbharat Times August 18, 2020 09:17 UTC