लेकिन 2014 के मोदी लहर में रामकृपाल ने यह सीट जीत ली और आरजेडी की मीसा यादव को मात दी. रामकृपाल को 39.16 फीसदी वोट मिले तो मीसा यादव को 35.04 फीसदी वोट और जीत का अंतर सिर्फ 41 हजार वोटों का था. मीसा भारती: एमबीबीएस की टॉपर मीसा की पाटलिपुत्र में चुनावी परीक्षा, कुछ ऐसा रहा सफरयह लड़ाई इसलिए भी दिलचस्प है कि रामकृपाल एक वक्त में लालू के शिष्य और सिपाहसालार होते थे. मगर 2014 में जब लालू यादव ने पाटलिपुत्र की सीट रामकृपाल यादव को न देकर मीसा यादव को दे दी तो रामकृपाल यादव ने नाराज होकर बीजेपी का दामन थाम लिया और मीसा भारती को हरा दिया. यही वजह है कि इस बार भी पाटलिपुत्र की यह सीट लालू यादव परिवार के लिए प्रतिष्ठा की सीट बनी हुई है.
Source: NDTV May 14, 2019 17:26 UTC