पाकिस्तान निकल जाएगा सैटेलाइट इंटरनेट की रेस में आगे, जानें पड़ोसी देश ने रचा कैसा सुरक्षा चक्र? - News Summed Up

पाकिस्तान निकल जाएगा सैटेलाइट इंटरनेट की रेस में आगे, जानें पड़ोसी देश ने रचा कैसा सुरक्षा चक्र?


सैटेलाइट इंटरनेट की रेस में भारत और पाकिस्तान बेहद ध्यान से आगे बढ़ रहे हैं। भारत भी सुरक्षा कारणों से स्टारलिंक और प्रोजेक्ट कुइपर (Amazon) के मामले में काफी गहन जांच कर रहा है। वहीं पाकिस्तान ने नियमों का सुरक्षा चक्र बनाकर गेंद को काफी हद तक कंपनियों के बारे में डाल दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पाकिस्तान इन कड़े नियमों के बावजूद सैटेलाइट इंटरनेट के कमर्शियल रोलआउट में भारत को पछाड़ देता है या सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के बेहद करीब पहुंच चुका भारत ऐसा कोई मौका पाकिस्तान को नहीं देगा।बता दें कि पाकिस्तान में एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक अपनी सर्विसेज शुरू करने के लिए काफी समय से कोशिश में है लेकिन अभी तक उसे हरी झंडी नहीं मिल सकी है। इसकी वजह स्पेस एक्टिविटीज रेगुलेटरी बोर्ड (PSARB) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से मिलने वाली मंजूरी को बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,(REF.) अब पाकिस्तान स्टारलिंक की अपने देश में एंट्री को रफ्तार दे सकता है।PTA द्वारा ड्राफ्ट किया गया लाइसेंस कंपनियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। दरअसल सैटेलाइट इंटरनेट प्रोवाइडर्स के लिए 15 साल के लाइसेंस की फीस करीब 5 लाख डॉलर यानी कि 4.2 करोड़ भारतीय रुपये होगी। रिपोर्ट के मुताबिक. सिर्फ शुरुआती फीस होगी। इसके अलावा सैटेलाइट इंटरनेट देने वाली कंपनियों को लाइसेंस मिलने के 18 महीने के अंदर पाकिस्तान में एक 'लोकल गेटवे अर्थ स्टेशन' बनाना होगा। ऐसा इसलिए ताकि सरकार का इंटरनेट ट्रैफिक पर पूरा काबू रहे। पाकिस्तान ऐसा जासूसी के डर के चलते कर रहा है।सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर पाकिस्तान की नीति किसी सुरक्षा चक्र से कम नहीं है। इसका सबसे मुख्स हि्स्सा राष्ट्रीय सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन को बनाया गया है। पाकिस्तान की नीति के मुताबिक किसी भी विदेशी कंपनी को उनके यहां इंटरनेट देने के लिए लोकल स्तर पर डेटा रूटिंग करनी होगी। इसका मतलब है कि पाकिस्तान चाहता है कि उनके लोगों का डेटा देश से बाहर न जाए। इसके अलावा, सरकार ने 'लॉफुल इंटरसेप्शन' की शर्त भी रखी पॉलिसी में रखी है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर डेटा की निगरानी करने का कानूनी अधिकार मिल सके।


Source: Navbharat Times January 29, 2026 07:41 UTC



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