डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मान्यता प्राप्त चालक प्रशिक्षण केंद्रों (एडीटीसी) के कामकाज को सुव्यवस्थित करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने अपने नियमों में संशोधन को अधिसूचित किया है।नए नियमों में ड्राइवर ट्रेनिंग स्कूलों की पांच साल की मान्यता शामिल है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि, दोपहिया वाहनों के लिए प्रशिक्षण देने का पाठ्यक्रम विशेष रूप से व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान को व्यापक रूप से कवर करने के लिए विस्तृत किया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस और एडीटीसी से जुड़े अन्य प्रावधानों जैसे फीस, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने आदि के लिए प्रवीणता परीक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षु को ड्राइव करने की क्षमता की परीक्षा उत्तीर्ण करने की आवश्यकता होगी।नए नियमों में ड्राइविंग सीखने वालों के लिए प्रशिक्षण विषयों में ईंधन कुशल ड्राइविंग तकनीकों का ज्ञान और समझ शामिल है। दुपहिया वाहन चलाने का प्रशिक्षण दो सप्ताह की अवधि में कई सत्रों में कवर किया जाएगा। सिद्धांत सत्र में यातायात शिक्षा, प्राथमिक चिकित्सा, सड़क शिष्टाचार, दुर्घटनाओं के कारण और ईंधन दक्षता आदि शामिल होंगे। व्यावहारिक पाठों में बुनियादी और कौशल ड्राइविंग अभ्यास, रात में ड्राइविंग, और सिंगल और मल्टीपल लेन में ड्राइविंग, अन्य शामिल हैं।आईएएनएसडिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ bhaskarhindi.com की टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
Source: Dainik Bhaskar September 22, 2022 16:20 UTC