Dainik Bhaskar Jun 11, 2019, 02:31 PM IST6 जनू को संगरूर जिले के गांव भगवानपुरा में 150 फीट के बोरवेल में गिर गया था फतेहवीरमंगलवार सुबह छठे दिन निकाला गया, पहले लुधियाना और फिर चंडीगढ़ लेकर पहुंची एंबुलेंसपीजीआई में मौत के बाद पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया तो साथ ही धरने शुरूजालंधर/सुनाम. संगरूर जिले के गांव भगवानपुरा में बोरवेल में गिरे 2 साल बच्चे फतेहवीर को मंगलवार सुबह छठे दिन निकाल लिया गया। पीजीआईएमएस चंडीगढ़ ले जाए जाने पर बच्चे को मृत घोषित कर दिया। एक तरफ डॉक्टर्स की टीम उसका पोस्टमॉर्टम करेगी, वहीं सुनाम में बच्चे के परिजनाें, रिश्तेदारों और सैकड़ों ग्रामीणाें में इस घटना के प्रति गहरा रोष है। उनका आरोप है कि प्रशासन और सरकार की लापरवाही के कारण बच्चे को समय पर नहीं निकाला जा सका।छठे दिन निकाला गया बोरवेल सेपिछले पांच दिन से बच्चे को निकालने के लिए डेरा सच्चा सौदा के द्वारा संचालित ग्रीन एस वेलफेयर सोसायटी, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स और आर्मी की तरफ से कोशिशें की जा रही थीं। लगभग 110 घंटे के बाद मंगलवार सुबह 5 बजकर बच्चे को निकालकर एंबुलेंस से लुधियाना के दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां से उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया।चंडीगढ़ से लेकर संगरूर तक रोष प्रदर्शनबच्चे की मौत की खबर मिलने के बाद लोगों का प्रशासन और पंजाब सरकार पर गुस्सा फूट पड़ा। बच्चे के परिजनों और अन्य लोगों ने चंडीगढ़ पीजीआई में पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। गांव और संगरूर में भी लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। सुनाम शहर को रोष स्वरूप बंद किया गया है। यहां के आईटीआई चौक पर लोगों ने टेंट लगाकर धरना दे रहे हैं।ये हैं लोगों का आरोपलाेगों का आरोप है कि प्रशासन और सरकार की लापरवाही के कारण बच्चे को समय पर नहीं निकाला जा सका और उसकी जान चली गई। जब तक प्रशासन यह स्वीकार नहीं कर लेगा कि हां, गलती हुई है, धरना नहीं उठाया जाएगा। आज एक फतेहवीर नहीं बचाया जा सका, कल को कोई फतेहवीर इस तरह लापरवाही का शिकार नहीं होना चाहिए। इसी तरह मोगा में भी आम आदमी पार्टी के लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना शुरू कर दिया है।इकलौता था फतेहवीर, एक दिन पहले जन्मदिन थाफतेहवीर, सुखविंदर की इकलौती संतान है। सुखविंदर सिंह उर्फ लवीश और गगनदीप कौर की शादी करीब 7 साल पहले हुई थी। पांच साल की मन्नतों के बाद जन्मा फतेहवीर सिंह 10 जून को 2 साल का हो जाता, लेकिन इससे पहले 6 जून गुरुवार की शाम करीब पौने 4 बजे फतेहवीर खेलते-खेलते पास ही स्थित 9 इंच चौड़े और 150 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरा। मां गगनदीप कौर के मुताबिक पास ही गाड़ी धो रहे पिता लवीश की नजर उस पर पड़ गई थी और उसने बच्चे को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन पाइप पर ढके प्लास्टिक के जिस कट्टे पर बच्चे का पैर पड़ा था, उसका महज एक छोटा सा टुकड़ा ही हाथ में आया।कंटेंट- टिंका आनंद
Source: Dainik Bhaskar June 11, 2019 06:22 UTC