मुकेश की क्यूरेटिव और दया याचिका खारिज हो चुकी है, विनय की सिर्फ दया याचिका का विकल्प बचा हैकोर्ट ने निर्भया केस में चारों दोषियों को 1 फरवरी को सुबह 6 बजे फांसी देने का डेथ वॉरंट जारी किया थाDainik Bhaskar Jan 24, 2020, 07:09 PM ISTनई दिल्ली. निर्भया केस के चारों दोषियों के वकील एपी सिंह शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचे। उन्होंने कोर्ट से तिहाड़ जेल प्रशासन की शिकायत की। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन ने उनके मुवक्किल विनय, पवन और अक्षय की क्यूरेटिव और दया याचिका दायर करने के लिए जरूरी दस्तावेज अभी तक नहीं दिए हैं। एपी सिंह ने कहा कि विनय शर्मा की निजी डायरी भी उन्हें नहीं मिली है। एक अन्य दोषी मुकेश सिंह की क्यूरेटिव और दया याचिका पहले ही खारिज की जा चुकी है। दूसरे, विनय शर्मा की क्यूरेटिव याचिका भी खारिज की जा चुकी है। उसके पास दया याचिका का विकल्प बचा है।पवन के नाबालिग होने का दावा भी खारिज20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्मी पवन की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने वारदात के वक्त खुद के नाबालिग होने का दावा किया था। कोर्ट ने कहा कि याचिका में कोई नया आधार नहीं है। पवन के वकील एपी सिंह ने दावा किया था कि इस मामले में बहुत बड़ी साजिश है। दिल्ली पुलिस ने जानबूझकर पवन की उम्र संबंधी दस्तावेजों की जानकारी छिपाई है। वारदात के वक्त पवन की उम्र 17 साल, 1 महीने और 20 दिन थी। ऐसे में वारदात में उसकी भूमिका नाबालिग के तौर पर देखी जाए।3 दोषियों के पास 5 विकल्प
Source: Dainik Bhaskar January 24, 2020 08:00 UTC