ब्रांड सालाना 30 लाख टन प्लास्टिक तैयार करता है, इसका कचरा दुनियाभर में फैला हैकंपनी का तर्क, उपभोक्ता खुद चाहता है कि उसे प्लास्टिक बोतल में कोकाकोला मिलेब्रांड प्रमुख बी. पेरेस बयान के बाद पर्यावरणविदों में कंपनी के प्रति नाराजगी बढ़ रही हैDainik Bhaskar Jan 24, 2020, 11:00 AM ISTन्यूयॉर्क. एक ओर जहां पूरी दुनिया के देश अपने यहां से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए टाइम लाइन फिक्स कर रहे हैं, वहीं विश्व में कोल्ड ड्रिंक के दिग्गज ब्रांड कोकाकोला ने कहा है कि वह अपना ड्रिंक सिंगल यूज प्लास्टिक की बोतलों में देना बंद नहीं करेगा। इस बयान के बाद पर्यावरणविदों में इस ब्रांड के बयान के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। पर्यावरण के लिए काम कर रहे फोरम 'चैरिटी ब्रेक फ्री' ने कहा है कि 2019 के ऑडिट में कोकाकोला को दुनिया में सबसे ज्यादा प्लास्टिक कचरा पैदा करने वाला ब्रांड पाया गया है। इस ब्रांड का कचरा दुनिया के हर देश में यहां-वहां पड़ा देखा जा सकता है। यह ब्रांड प्रति वर्ष 30 लाख टन प्लास्टिक का इस्तेमाल बोतल बनाने में कर रहा है। यह कितना प्लास्टिक होगा, उसका अंदाजा यूं लगा सकते हैं कि इतने प्लास्टिक से प्रति मिनट 2 लाख बोतलों का निर्माण हो सकता है।न्यूयॉर्क स्थित इस ब्रांड की प्रमुख बी. ब्रांड ने यदि अन्य मटेरियल में पैकिंग की तो भी इसे खरीदने वाले कम नहीं होंगे।कंपनी का 2030 तक खुद के प्लास्टिक का 50% रीसाइकिल कर लेगीचारों ओर से विरोध में घिरने के बाद बी. पेरेस ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कंपनी की ओर से फिर सफाई दी। वे दावे करने लगीं कि 2030 तक उनकी कंपनी जितना प्लास्टिक यूज कर रही है, उसका 50 परसेंट रीसाइकिल कर लेगी। ब्रांड का यह कहना कि वह बोतलें रीसाइकिल करता है। इस पर पर्यावरणविद कह रहे हैं कि न जाने कितनी करोड़ बोतलें जमीन में और समुद्र में दफन हो रही है। ऐसे में इस ब्रांड का यह बयान हास्यास्पद होकर पर्यावरण के लिए आने वाले वर्षों में सबसे बड़ा खतरा है।
Source: Dainik Bhaskar January 24, 2020 02:16 UTC