नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली के जामिया नगर, सीलमपुर और दरियागंज में वे कौन लोग थे जिन्होंने हिंसा की, गाड़ियां जलाईं और करोड़ों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया? इस सवाल का जवाब खोजने के लिए दिल्ली पुलिस फेस रिकग्नीशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने जा रही है. पुलिस के चेहरे की पहचान करने वाले सॉफ्टवेयर में अभी दो लाख से ज्यादा लोगों का डाटा फीड है. CAA Protest: प्रदर्शन के दौरान दरियागंज में हुई हिंसा मामले में 15 गिरफ्तार, गाजियाबाद में 3600 के खिलाफ केस दर्जहाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में भी भीड़ में संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल हुआ. अब हाल ही में हुई हिंसा में अपराधियों और असमाजिक तत्वों की पहचान भी इसी के जरिए की जा रही है.
Source: NDTV December 30, 2019 17:26 UTC