गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से देश की कई मशहूर हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया। इन हस्तियों में एक नाम कल्बे सादिक का भी था। कल्बे सादिक (मरणोपरांत) को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। उनका निधन 24 नवंबर 2020 को हुआ था।लखनऊ के एरा मेडिकल कॉलेज और यूनिटी कॉलेज के संरक्षक होने साथ ही शिया धर्म गुरु मौलाना डॉ. कल्बे सादिक ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष भी थे। अकसर लोग राजनीतिक पद को पाने के लिए दांव-पेंच खेला करते हैं लेकिन डॉ. कल्बे सादिक की शख्सियत कुछ अलग ही थी। उन्होंने अपने पास आए राज्यपाल और सांसद के प्रस्तावों को ठुकरा दिया था। उनका मानना था कि अगर वह संवैधानिक पद पर आ गए तो आम लोगों से मिलना थोड़ा मुश्किल हो जाएगा और ऐसे में आम जनमानस की सेवा नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा था कि वह बिना किसी पद के लोगों की सेवा करते रहना चाहते हैं।
Source: Navbharat Times January 26, 2021 18:31 UTC