शमशेर सिंह नेगी। क्या हो जब आप खिड़की से बाहर झांकें और सामने हो चमकता हिमालय! नैन सिंह और पं. मुनस्यारी जाने का आदर्श समय मार्च से जून और मध्य सितंबर से अक्टूबर तक है। यहां आने के लिए आपको काठगोदाम या हल्द्वानी से टैक्सी मिल जाएगी। रूट वाया अल्मोड़ा, सेराघाट, बेरीनाग सड़क मार्ग होते हुए है। 71 किमी. लंबी मुनस्यारी की यात्रा रोमांच और चुनौती से भरी है। करीब 15 किमी. तक रामगंगा नदी घाटी और जाकुर नदी के किनारे यात्रा होती है। बिर्थी, गिरगांव के बाद पूरा भूगोल बदल जाता है। इकलौती सड़क के एक तरफ चट्टान तो दूसरी तरफ गहरी होती जा रही खाई रोमांच से भर देती है। गिनी बैंड से आगे से लंबे घुमावदार मोड़ हैं। यहां मौसम कब बदल जाए, पता नहीं रहता है। इसलिए सावधानी जरूरी है।[इनपुट सहयोग: पिथौरागढ़ से ओपी अवस्थी]लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Sanjay Pokhriyal
Source: Dainik Jagran May 16, 2019 09:00 UTC