बच्चे को सुपुर्द करने के मामले में सुलह नहीं होने पर ग्रामीणों का बवाल, स्थिति संभालने को बुलानी पड़ी अतिरिक्त पुलिसपुलिस बच्चे को बरामद करने के लिए कर रही छापेमारीदैनिक भास्कर Jun 23, 2020, 04:50 AM ISTबक्सर. मॉडल थाना क्षेत्र से पुलिस की मौजूदगी में सीडब्लूसी से एक नवजात को ले भागने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने जब इस मामले के आरोपी दंपती को हिरासत में लिया गया, तब ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। बात बिगड़ती देखकर थाने से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा। इसके बाद पुलिस आरोपी दंपती को थाने ले गई। इस क्रम लगभग हंगामा बाल कल्याण समिति कार्यालय में हुआ। मिली जानकारी के अनुसार राजपुर थाना क्षेत्र के कटरिया गांव के समीप पिछले 25 दिसंबर की सुबह एक नवजात बरामद हुआ। इस नवजात को कटरिया गांव निवासी नंदजी पासवान व बिंदा देवी ने अपने पास रख लिया। जब तीन घंटा बाद चाइल्ड लाइन लेने के लिए गया। तब दंपती ने नवजात को देने से मना कर दिया। इसकी जानकारी संबंधित थाने को दी गई। पुलिस भी गई। परंतु उनलोगों ने नवजात को नहीं सौपे।पुलिस ने आरोपी दंपती को किया गिरफ्तार, कटरिया गांव के समीप पिछले 25 दिसंबर को मिला था नवजातनवजात के साथ पहुंचे आरोपी दंपती : इस क्रम में मामले की पूरी जानकारी जब चाइल्ड लाइन ने बाल कल्याण समिति को दी, तब बाल कल्याण समिति ने एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा सहित वरीय अधिकारियों को सूचना दी। साथ ही थानेदार को निर्देश दिया गया कि जल्द से जल्द बच्चे को उपस्थित कराया जाए। जिसके बाद पुलिस की दबिश के कारण सोमवार को बच्चा लेकर पुलिस आरोपी दंपती को बच्चे के साथ लेकर जिला बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत करने के लिए लाई। लेकिन, देखते ही देखते दंपती के साथ आए ग्रामीण हंगामा करने लगे। पुलिस बच्चे को चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) को सौंपने की बात कह रही थी। जिसका ग्रामीण मिलकर विरोध कर रहे थे।लावारिस बच्चे को सरकार के पास लाना पड़ता हैसीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन्स के अनुसार यदि कोई भी लावारिस बच्चा मिलता है। तब उसे सरकार के पास लाना होता है। सरकार उन बच्चों को अपने पास रखती है। यदि कोई नि:संतान दंपती बच्चा गोद लेना चाहे तब वह प्रक्रिया के तहत गोद लेगा। कई बार यह बात सामने आ चुकी है कि कुछ लोगों ने बच्चे को अपने पास रखा। लेकिन, बाद में परेशानी होती है।चाइल्ड लाइन को सुपुर्द किया बच्चा एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की हरकत के बाद आरोपी दंपती को हिरासत में लिया गया था। जिसके बाद ग्रामीणों ने बच्चे को सुपुर्द किया। देरशाम कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए बच्चे को सीडब्ल्यूसी को सौंप दिया गया। बच्चे के मिलते ही आरोपी दंपति को भी छोड़ दिया गया।मामला बिगड़ता देख बच्चे को ले भागे ग्रामीणहंगामे के दौरान पुलिस जवान आक्रोशित लोगों को समझने में लगी हुई थी। इस क्रम में कुछ लोग छह माह के बच्चे को अपने साथ ले भागे। साथ ही कार्यालय में जमकर हंगामा करने लगे। बात बिगड़ता देख समिति के सदस्यों ने इसकी सूचना एसपी को दी। एसपी ने तत्काल फोर्स भेजी। पुलिस को देख ग्रामीण भाग खड़े हुए। बच्चा लेकर भागने के आरोप में पुलिस ने नंदजी पासवान व बिंदा देवी को हिरासत में ले लिया। दोनों को मॉडल थाना ले जाया गया। बच्चा समिति के समक्ष उपस्थित हो सके।बक्सर | बच्चे को सुपुर्द करने की बात पर बिलख पड़ी बिंदासीडब्ल्यूसी के कार्यालय में उस समय एक मां का कलेजा फट पड़ा, जब पुलिस व सीडब्ल्यूसी के अधिकारी उसे बच्चे को सुपुर्द करने का दबाव बनाते रहे। लेकिन, नंदजी पासवान व बिंदा देवी बधार में मिले शिशु को सुपुर्द नहीं करना चाह रहे थे। बताया जाता है कि आरोपी दंपती की सिर्फ दो बेटियां हैं। बेटे की चाहत में वह फिलहाल कोई रिस्क नहीं लेना चाह रहे थे। लेकिन जब उन्हें बधार में एक नवजात बच्चा मिला, तो उनके सोए अरमान फिर से जाग उठे। अब वो इस बरामद बच्चे को पालना चाह रहे थे। बेटे की चाहत में बिंदा रो-रोकर पुलिस व अधिकारियों को बच्चे को लौटाने की जिद पर अड़ी थी। जो उसके साथ आये स्थानीय ग्रामीणों को नागवार गुजरा। ग्रामीण दोनों पति-पत्नी के लिए बच्चे को वहां से उठा ले भागे।
Source: Dainik Bhaskar June 22, 2020 23:15 UTC