कोरोना के डेढ़ लाख से ज्यादा केस क्यों खतरनाक? दुनियाभर में इस वक्त सबसे खतरनाक महामारी के रूप में फैला है। अबतक 2 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और 7.70 लाख से ज्यादा की मौत हुई है। अपनी संक्रामकता के चलते यह वायरस तेजी से फैल रहा है। दिल्ली में कोरोना के 1.53 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं और 4,196 मरीजों की मौत हो चुकी है। क्या है लक्षण और असर? स्वाइन फ्लू या H1N1 एक संक्रमण है, जो इन्फ्लूएंजा ए वायरस के कारण होता है। इस प्रकार का वायरस अधिकतर सुअर में पाया जाता है इसलिए इसे स्वाइन फ्लू कहा जाता है। नैशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार, दिल्ली में H1N1 मरीजों की संख्या 412 हो गई है। यह डेटा 31 जुलाई तक का है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी की मौत नहीं हुई है। पिछले कुछ सालों से दिल्ली में स्वाइन फ्लू सक्रिय है। 2010 में पहली बार सामने आए इस फ्लू ने 2,725 लोगों की जान ले ली थी। पिछले साल 31 मरीजों की मौत स्वाइन फ्लू के चलते हुई थी। क्या है लक्षण और असर? बारिश के बाद मच्छरों के जरिए कई तरह की संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा होता है। डेंगू उन्हीं में से एक है। इस साल अबतक 21 केस सामने आए हैं जबकि पिछले साल अगस्त तक 11 केस ही आए थे। डेंगू से होने वाले बुखार को 'हड्डीतोड़' बुखार कहा जाता है क्योंकि पीड़ित व्यक्ति को बहुत दर्द होता है, जैसे उनकी हड्डियां टूट रही हों। क्या है लक्षण और असर? एमसीडी के अनुसार, दिल्ली में मलेरिया के अबतक 34 केस सामने आए हैं जो कि पिछले साल के मुकाबले 41 प्रतिशत ज्यादा हैं। डेंगू की तरह मलेरिया भी मच्छरों के काटने से फैलता है। यह 'प्लाज्मोडियम' नाम के पैरासाइट से होने वाली बीमारी है। मलेरिया मादा 'एनोफिलीज' मच्छर के काटने से होता है जो गंदे पानी में पनपते हैं। ये मच्छर आमतौर पर दिन ढलने के बाद सक्रिय होते हैं। पेशंट को हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है जो जानलेवा हो सकती है। क्या है लक्षण और असर?
Source: Navbharat Times August 18, 2020 03:45 UTC