डीडीए बोर्ड ने मास्टर प्लान-2021 में संशोधन प्रस्ताव को दी मंजूरीअब रिहायशी इलाके में संचालित जिम, योगा, मेडिटेशन और वेलनेस सेंटर्स वैध हो जाएंगेDainik Bhaskar Oct 10, 2019, 07:51 AM ISTनई दिल्ली . दिल्ली के करीब 10 हजार जिम, योगा, मेडिटेशन और वेलनेस सेंटर को सीलिंग से राहत मिल गई हैं। बुधवार को उपराज्यपाल की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक में मास्टर प्लान-2021 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही रिहायशी इलाके में संचालित जिम, योगा, मेडिटेशन और वेलनेस सेंटर वैध हो गए हैं। इसके अलावा संशोधन का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद बेसमेंट व ग्राउंड फ्लोर पर ही नए जिम, मेडिटेशन एंड वैलनेस सेंटर व योगा सेंटर खोले जा सकेंगे। दरअसल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित मॉनीटरिंग कमेटी ने 2008 के बाद रिहायशी इलाकों में संचालित जिम, योगा और मेडिटेशन सेंटर को सील करने के आदेश दिए थे।मास्टर प्लान-2021 में 12 अगस्त 2008 के बाद रिहायशी इलाकों में संचालित जिम और योगा सेंटर को अनुमति नहीं हैं। इसका नोटिस मिलने के बाद जिम, योगा सेंटर संचालकों में हड़कंप मच गया था। इसको लेकर उन्होंने केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात की थी। हरदीप पुरी ने उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था। बोर्ड की मंजूरी के बाद अब मास्टर प्लान में संशोधन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके तहत 45 दिन में जनता से सुझाव/आपत्ति मांगने और संशोधन की प्रक्रिया की जाएगी। इसके बाद बोर्ड सदस्य सुनवाई के बाद संशोधन का प्रस्ताव पर निर्णय लेकर आवास एवं शहरी मंत्रालय को नोटिफिकेशन जारी करने के लिए भेजंेगे।कुछ अन्य प्रस्ताव भी मंजूर, जल्द जारी होगा नोटिफिकेशन :‘500 जोड़े’ एलआईजी फ्लैट की स्कीम लांच होगीऑनलाइन आवासीय योजना-2019 में लौटाए गए एलआईजी फ्लैट को जोड़े में बेचेगा डीडीए।इसके लिए 500 जोड़े फ्लैट की स्कीम जल्द लांच होगी। यानी दो फ्लैट को एक बनाया जाएगा। इसको लेकर बोर्ड की बैठक में स्वीकृति दे दी गई।आवासीय योजना-2019 में 8 हजार में से 7 हजार फ्लैट वापस हो गए थे। इसको लेकर डीडीए ने अब 1 हजार फ्लैट के ‘500 जोड़े’ की आवासीय योजना लांच करेगा।यह फ्लैट नरेला के पॉकेट-4 और 5 के सेक्टर जी-7/जी-8 में हैं। दो फ्लैट को जोड़ने से एक फ्लैट करीब 99.8 वर्ग मीटर का बन जाएगा। जिसकी कीमत करीब 45 लाख रुपए के आसपास होगी। इन फ्लैटों को पहले आओ-पहले पाओ ऑनलाइन योजना के तहत आवंटित किया जाएगा। जोड़े मेंं फ्लैट के आवंटन के बाद खरीददार को ही प्राधिकरण के स्वीकृत लेआउट प्लान के अनुसार अपने खर्चे पर जोड़ना होगा।ईस्ट विनोद नगर मेट्रो स्टेशन के पास करीब 2 हजार करोड़ की लागत से फ्लैट बनाए जाएंगेत्रिलोकपुरी स्थित संजय झील के पास ईस्ट विनोद नगर मेट्रो स्टेशन से लगती 10.16 हेक्टेयर जमीन पर ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) पॉलिसी के तहत विकास करने को लेकर बोर्ड ने मंजूरी दी है।इस प्रोजेक्ट को चार साल पहले भी मंजूरी दी गई थी। यहां पर टीओडी पॉलिसी के तहत 3 हजार फ्लैट का हाउसिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण किया जाएगा।जिसमें रेसीडेंशियल के साथ कमर्शियल एरिया भी होगा। इस प्रोजेक्ट की प्लानिंग डीडीए ने एनबीसीसी को करने की जिम्मेदारी दे दी है, लेकिन इसका निर्माण निजी एजेंसी से कराया जाएगा।करीब 2 हजार करोड़ की लागत से 3 हजार सभी कैटेगरी के फ्लैट का निर्माण होगा। इससे पहले प्रोजेक्ट को वर्ष 2016 में स्वीकृति दी गई थी, लेकिन प्रोजेक्ट पर काम ही शुरू नहीं हुआ। अब टीओडी पॉलिसी के तहत हाउसिंग कॉम्पलेक्स बनाने के प्रस्ताव को दोबारा अनुमति दी गई है।अब आवंटन की जगह जमीन की नीलामी करेगा डीडीए : व्यावसायिक श्रेणी के अतिरिक्त अब अन्य सभी श्रेणियों में भी डीडीए जमीन की नीलामी करेगा। इसके लिए नजूल रूल 1981 में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। यानी अब सामाजिक ढांचागत और अन्य सुविधाएं विकसित करने के लिए भी डीडीए जमीन का आवंटन नहीं बल्कि नीलामी करेगा। इस नीलामी में कोई भी व्यक्ति, संस्था, कंपनी, को-अॉपरेटिव सोसायटी सहित अन्य ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लिए जमीन खरीद सकेंगे।
Source: Dainik Bhaskar October 10, 2019 02:22 UTC