दिल्ली / अगर हमें विवादित भूमि का मालिकाना हक नहीं दिया जाता ताे वैकल्पिक राहत दें - News Summed Up

दिल्ली / अगर हमें विवादित भूमि का मालिकाना हक नहीं दिया जाता ताे वैकल्पिक राहत दें


Dainik Bhaskar Oct 20, 2019, 12:16 AM ISTनई दिल्ली . अयोध्या विवाद पर शनिवार काे सभी पक्षकाराें ने सुप्रीम काेर्ट में मोल्डिंग आॅफ रिलीफ पर अपनी दलीलें दायर कर दीं। सभी मुस्लिम पक्षकारों ने संयुक्त रूप से सीलबंद लिफाफे में दलीलें साैंपी हैं। वहीं, हिंदू पक्षकारों ने साधारण तौर पर लिखित दलीलें काेर्ट काे साैंपी हैं। सूत्रों के अनुसार मुस्लिम पक्ष ने काेर्ट से कहा है कि इस मामले में अगर उन्हें विवादित भूमि का मालिकाना हक नहीं दिया जाता है ताे वैकल्पिक राहत जरूर दी जाए। इससे पहले यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बाेर्ड भी मध्यस्थता समिति के जरिये काेर्ट काे साैंपी सेटलमेंट रिपाेर्ट में शर्ताें के साथ विवादित जमीन से दावा छाेड़ने की पेशकश कर चुका है।बाेर्ड ने मस्जिद के लिए अलग जगह मुहैया करवाने, एएसअाई के संरक्षण वाली मस्जिदाें में नमाज की इजाजत देने जैसी शर्तें रखी थीं। इसी बीच हिंदू पक्षकाराें ने मोल्डिंग ऑफ रिलीफ का सीलबंद हलफनामा देने पर एेतराज जताते हुए सुप्रीम काेर्ट से इसे मंजूर नहीं करने की अपील की है। बता दें कि 16 अक्टूबर काे फैसला सुरक्षित रखते वक्त संविधान पीठ ने सभी पक्षकाराें काे तीन दिन के अंदर मोल्डिंग आॅफ रिलीफ से जुड़ी दलीलें दायर करने काे कहा था। मोल्डिंग आॅफ रिलीफ में पक्षकार सुनवाई के दाैरान रखे गए दावाें से इतर वैकल्पिक मांगाें पर काेर्ट काे सुझाव देते हैं।किस पक्षकार ने क्या दलीलें काेर्ट काे साैंपी


Source: Dainik Bhaskar October 19, 2019 18:45 UTC



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