दिल्ली मेट्रो: डीएमआरसी ने किया नया मुकाम हासिल, अभी तक दुनिया के केवल 7 शहरों में ही चल रही है चालक रहित मेट्रो सेवा - News Summed Up

दिल्ली मेट्रो: डीएमआरसी ने किया नया मुकाम हासिल, अभी तक दुनिया के केवल 7 शहरों में ही चल रही है चालक रहित मेट्रो सेवा


Hindi NewsLocalDelhi ncrDMRC Achieved New Status, So Far Only Driverless Metro Service Is Running In Only 7 Cities Of The WorldAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपदिल्ली मेट्रो: डीएमआरसी ने किया नया मुकाम हासिल, अभी तक दुनिया के केवल 7 शहरों में ही चल रही है चालक रहित मेट्रो सेवानई दिल्ली 8 घंटे पहलेकॉपी लिंकदेश की पहली चालक रहित मेट्रो को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर सोमवार को सुबह रवाना किया।मैजेंटा लाइन पर 25 से 30 चालक रहित मेट्रो चलाएगी डीएमआरसीप्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये देश की पहली चालक रहित मेट्रो को हरी झंडी दिखाकर किया रवानामैजेंटा लाइन पर 25 से 30 चालक रहित मेट्रो चलाएगीदेश की पहली चालक रहित मेट्रो को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर सोमवार को सुबह 11 बजे रवाना किया। 37 किलोमीटर लंबी मैजेंटा लाइन पर शुरू होने वाली इस सुविधा का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदूषण को नियंत्रण करने में मेट्रो की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तीन साल पहले मैजेंटा लाइन का उद्घाटन करन का सौभाग्य उन्हें मिला था।आज चालक रहित मेट्रो सेवा की शुरुआत हुई, जो बताता है कि देश किस तरह तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश में तेजी से मेट्रो लाइन का निर्माण हो रहा है। देश में चालक रहित मेट्रो सेवा का शुरू होना गर्व की बात है।प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी तक दुनिया के केवल 7 शहरों में ही चालक रहित मेट्रो सेवा है जिसमें दिल्ली मेट्रो भी शामिल हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनकी सरकार आई तो केवल 5 शहरों में मेट्रो थी जो अभी के समय में 18 शहरों में है। 2014 में जहां 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन थी तो वहीं अभी 700 किलोमीटर से ज्यादा मेट्रो लाइन बन चुकी है।प्रदूषण नियंत्रण में मेट्रो की भूमिका महत्वपूर्ण -नरेन्द्र मोदीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अलग-अलग शहरों में जनता को ध्यान में रखते हुए वहां उसी तरह की मेट्रो की निर्माण की जा रही है। जहां कम भीड़ वाले क्षेत्र हैं, वहां पर मेट्रो लाइट का निर्माण किया जा रहा है जो सामान्य मेट्रो से 40 फीसदी कम लागत में तैयार हो रही है। इससे भी कम भीड़ वाले क्षेत्र में मेट्रो का निर्माण हो रहा है जो सामान्य मेट्रो की 25 फीसदी लागत में बनकर तैयार होगी।इसके अलावा वाटर मेट्रो का कार्य उन क्षेत्रों में चल रहा है जहां वाटर बॉडी है। मेट्रो आज केवल एक ट्रांसपोर्ट नहीं बल्कि प्रदूषण कम करने का जरिया है। मेट्रो के चलते सड़क से वाहनों का दबाव कम होता है जिससे प्रदूषण एवं जाम से राहत मिलती है।उन्होंने कहा कि आज मेट्रो के विस्तार के लिए मेक इन इंडिया के तहत काम किया जा रहा है। पहले जहां मेट्रो कोच की लागत 12 करोड़ रुपये थी तो वह घटकर आज केवल 8 करोड़ रह गई है। इसके साथ ही देश के लोगों को इससे रोजगार भी मिल रहा है।फिलहाल मैजेंटा लाइन पर 25 से 30 चालक रहित मेट्रो डीएमआरसी चलाने जा रही है। यह लाइन जनकपुरी पश्चिम से नोएडा के बॉटनिकल गार्डन के बीच चलती है। डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक कम्यूनिकेशन अनुज दयाल ने बताया कि मेट्रो के चौथे फेज की सभी लाइन पर भी चालक रहित मेट्रो चलाने की सुविधा होगी।नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड की शुरुआतएयरपोर्ट मेट्रो पर पूरी तरह संचालित होने वाले नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। यह सुविधा भी देश की किसी मेट्रो में पहली बार हुआ है। पिछले डेढ़ वर्षों के दौरान 23 बैंकों द्वारा जारी रुपे डेबिट कार्ड धारक कोई भी व्यक्ति उस कार्ड के इस्तेमाल से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर यात्रा कर सकेगा। यह सुविधा वर्ष 2022 तक पूरे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क पर उपलब्ध हो सकेगी। इसके बाद स्मार्ट कार्ड के साथ ही डेबिट कार्ड से भी यात्री मेट्रो में सफर कर सकेंगे।


Source: Dainik Bhaskar December 29, 2020 00:16 UTC



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