Hindi NewsNationalVaccine Crisis In Delhi | Vaccination In Delhi, Covaxin Stock, Covishield Stock, Covishield Prize, Covaxin Prize, Coronavirus OutbreakAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपदिल्ली में ऑक्सीजन के बाद वैक्सीन कम: हेल्थ मिनिस्टर बोले- कोवैक्सिन और कोवीशील्ड का बहुत कम स्टॉक बचा, केजरीवाल ने कहा-तीसरी लहर के लिए तैयार रहना होगानई दिल्ली 7 घंटे पहलेकॉपी लिंकदिल्ली में ऑक्सीजन की कमी को बहुत मुश्किल से पूरा किया जा रहा है। इसी बीच अब वैक्सीन की किल्लत भी सामने आने लगी है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि कोवैक्सिन का केवल एक दिन का स्टॉक बचा है। कोवीशील्ड का स्टॉक केवल 3-4 दिन तक चलेगा। जैन ने केंद्र से जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध कराने की अपील की है।वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि हम ऑक्सीजन बेड बढ़ा रहे हैं। हमें तीसरी लहर के लिए तैयार रहना चाहिए। दूसरी लहर में दिल्ली में एक दिन में सबसे ज्यादा 28 हजार केस दर्ज किए गए। हम जिस पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं, उसकी मदद से हम तीसरी लहर से निपटने में सक्षम होंगे। अगर उस दौरान 30 हजार केस भी आते हैं तो हम हालात संभाल पाएंगे।17 मई तक लॉकडाउन बढ़ायाइससे पहले रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी वैक्सीन की कमी की बात कही थी। उन्होंने 17 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान किया था और कहा था कि वैक्सीनेशन भी बहुत तेजी से चल रहा है। वैक्सीन के स्टॉक की कमी है। उन्होंने कहा था कि हमने केंद्र से सहयोग मांगा है और उम्मीद है कि सहयोग मिलेगा।दिल्ली को तीन करोड़ वैक्सीन की जरूरत : CMकेजरीवाल ने कहा था कि अगर हमें 3 महीने में पूरी दिल्ली को वैक्सीनेट करना है, तो दिल्ली को तीन करोड़ वैक्सीन की जरूरत होगी। यानी हमें रोजाना करीब 3 लाख डोज की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा था कि अभी दिल्ली में वैक्सीन की कमी है। इस समय दिल्ली में हर दिन एक लाख लोगों को हर दिन वैक्सीन का डोज दिया जा रहा है। हमें अब तक 40 लाख वैक्सीन मिले हैं।भारत सबसे तेज 17 करोड़ डोज लगाने वाला देश बनादेश में कुल वैक्सीनेशन का आंकड़ा 17 करोड़ के पार पहुंच गया है। यहां अब तक वैक्सीन के 17 करोड़ 01 लाख 76 हजार 603 डोज दिए जा चुके हैं। इस आंकड़े को छूने के मामले में भारत दुनिया का पहला देश हैं। भारत को 17 करोड़ डोज लगाने में 114 दिन लगे। वहीं, यहां तक पहुंचने में अमेरिका को 115 और चीन को 119 दिन लगे थे।
Source: Dainik Bhaskar May 10, 2021 06:21 UTC