दिल्ली की शादियों में गेस्ट लिस्ट में छंटनी के आदेश, शादी-ब्याह से जुड़े कारोबारियों की बढ़ी मुसीबत - News Summed Up

दिल्ली की शादियों में गेस्ट लिस्ट में छंटनी के आदेश, शादी-ब्याह से जुड़े कारोबारियों की बढ़ी मुसीबत


200 लोगों की तैयारी लगभग पूरी कई लोगों ने सरकार के पहले वाले फैसले के आधार पर 200 मेहमानों के लिए तमाम तैयारियां कर ली थी। शादी के कार्ड तक बंट चुके हैं। अब रिश्तेदारों, मित्रों और सगे-संबंधियों को आने से मना करेंगे, तो रिश्ते खराब होने का डर रहेगा। बहुत से लोग शादियों की तारीख फिर से टालना चाहते हैं। शादी-ब्याह से जुड़े कारोबारियों की सरकार से अपील है कि शादियों के सीजन तक ढील दी जाए। वे कोविड सुरक्षा संबंधी सभी गाइडलाइन का पालन करेंगे। वैसे भी नवंबर-दिसंबर में सिर्फ 8-10 दिन ही शुभ लगन वाले हैं। शुभ मुहूर्त की तारीखें -नवंबर : 22, 25 27, 29, 30 तारीख और दिसंबर : 1, 7, 9, 10, 11 तारीख को शुभ मुहूर्त है।अचानक लिए फैसले सो होगा नुकसान सरकार का मेहमानों की संख्या 200 से घटाकर 50 करना अनुचित है। क्लाइंट्स ने 200 आदमियों के हिसाब से कार्ड बांट दिए हैं। उसी हिसाब से बैंक्वेट बुक किए हैं। 22 नवंबर से काम शुरू हो रहा है। अब सरकार के अचानक लिए फैसले से सारा हिसाब-किताब गड़बड़ा जाएगा। शादी-ब्याह से कोरोना नहीं फैल रहा। नवंबर के लिए अक्टूबर से ही स्टाफ रख लिया है। मेहमानों में पैनिक फैल गया है। केंद्र सरकार ने 200 मेहमानों की छूट दी है, तो दिल्ली सरकार को ऐसा प्रस्ताव तैयार नहीं करना चाहिए था।दिसंबर तक 200 गेस्ट की मिले अनुमति कोरोना की वजह से लागू लॉकडाउन में काफी नुकसान उठाया। मई-जून में काफी बुकिंग कैंसल हुई। अनलॉक के बाद काम शुरू हुआ, तो शादियों की बुकिंग भी आई। 200 आदमियों के हिसाब से सेटअप तैयार किया है। सरकार से अपील है कि कम से कम दिसंबर तक 200 गेस्ट की अनुमति दे। वैसे ही टेंट इंडस्ट्री घाटे में है। अडवांस रकम से नए टेंट, कालीन, कुर्सी, सोफे बनवा लिए हैं, तो क्लाइंट को वापस करना संभव नहीं है। इससे झगड़े की स्थिति भी पैदा होगी।क्लाइंट के अडवांस से आगे भी कर दी बुकिंग बड़ी मुश्किल से काम मिलना शुरू हुआ था। शादी-ब्याह का पिछला सीजन तो चौपट हो गया। अब उम्मीद थी कि 200 आदमियों की गेदरिंग में कुछ खर्चा पानी चलेगा। मार्च से अब तक आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। क्लाइंट से मिले अडवांस पैसे को हलवाई, राशन, कारीगर, सब्जी, दूध, पनीर, खोए और क्रॉकरी वालों को बुक कर दिया है। अब यहां से पैसा मिलना संभव नहीं है। सरकार थोड़े दिन की राहत और दे दे। सरकार के फैसले ने सभी व्यापारियों को बेचैन कर दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जल्दबाजी में फैसला लिया है। कहा जा रहा था कि पलुशन के दौर में कोरोना तेजी से बढ़ेगा। मगर, अब हवा में सुधार है। यानी स्थिति में सकारात्मक बदलाव हुआ है। सरकार के निर्णय से रोजगार संकट में पड़ जाएगा। हम तो बैंड बाजे वाले हैं, सड़क पर ही रहते हैं। मगर, जब क्लाइंट की बारात में लोग कम होंगे, तो हम भी खुशी से बाजा कैसे बजा पाएंगे। सरकार अपने निर्णय पर फिर से विचार करे, वरना काफी नुकसान होगा।


Source: Navbharat Times November 19, 2020 06:11 UTC



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