ढलती उम्र और परिवार के उत्तराधिकारी की योजना: 27 अरब डॉलर जुटाने वाले अंबानी पर अब उम्मीदों पर खरा उतरने का दबाव - News Summed Up

ढलती उम्र और परिवार के उत्तराधिकारी की योजना: 27 अरब डॉलर जुटाने वाले अंबानी पर अब उम्मीदों पर खरा उतरने का दबाव


Hindi NewsBusinessMukesh Ambani Net Worth Update; RIL Chairman Sold Tech Dream For $27 BillionAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपढलती उम्र और परिवार के उत्तराधिकारी की योजना: 27 अरब डॉलर जुटाने वाले अंबानी पर अब उम्मीदों पर खरा उतरने का दबावतेल और पेट्रोकेमिकल कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की योजना के साथ भी आगे बढ़ रहे हैं अंबानीजैसे -जैसे अंबानी अपनी 179 अरब डॉलर वाली कंपनी को आगे बढ़ाना चाहते हैं, निवेशक उनके हर कदम देख और परख रहे हैंसाल 2020 में मुकेश अंबानी का ज्यादातर समय फेसबुक इंक, गूगल और वॉल स्ट्रीट दिग्गजों के मनुहार में ही बीत गया। इसमें वह इन कंपनियों से दुनिया के सबसे बड़े कॉरपोरेट ट्रांसफॉर्मेशन जियो टेक में हिस्सेदार बनने को कहते आ रहे थे। अब जबकि उनके पास 27 अरब डॉलर की रकम आ गई है तो एशिया के सबसे अमीर बिजनेस मैन पर उम्मीदों पर खरा उतरने का दबाव बढ़ गया है।नई प्राथमिकताएं हैंरिलायंस इंडस्ट्रीज के कामकाज से परिचित लोगों और कंपनी के हालिया पब्लिक स्टेटमेंट से यह पता चलता है कि अब इस 63 वर्षीय खरबपति मुकेश अंबानी की नई प्राथमिकताएं हैं। इसके तहत अब वह एक पुरानी इकोनॉमी वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) को ऊपर उठाकर टेक्नोलॉजी वाली ई-कॉमर्स कंपनी की ओर जाना चाहते हैं। उनकी योजना में अगले वर्ष लोकल 5G नेटवर्क के रोल-आउट के अलावा रिलायंस के डिजिटल प्लेटफॉर्म में फेसबुक की वॉट्सऐप पेमेंट्स सर्विस को शामिल करना है। साथ ही देश भर में दुकानों के एक नेटवर्क के साथ कंपनी के ई-कॉमर्स की सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है।हिस्सेदारी बेचने की योजना के साथ बढ़ रहे हैंअंबानी रिलायंस की तेल और पेट्रोकेमिकल कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की योजना के साथ भी आगे बढ़ रहे हैं। अंबानी यह इसलिए करना चाहते हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि इससे कंपनी के ऊपर लदे भारी भरकम बोझ में कमी आएगी। इसके जरिए आगे का फाइनेंस का काम आसान हो जाएगा।हर कदम पर नजरजैसे -जैसे अंबानी अपनी 179 अरब डॉलर वाली कंपनी के को आगे बढ़ाना चाहते हैं, निवेशक उनके हर कदम देख और परख रहे हैं। खासकर तब जब दुनिया महामारी से जूझ रही है। अमेजन तथा वॉलमार्ट जैसी कंपनियों से आगे चलकर उनका मुकाबला होने वाला है। इस साल सितंबर तक रिलायंस के शेयर में अच्छी तेजी रही और यह अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। फिर भी निवेशक आगे कोई बड़ा फैसला लेने से पहले अंबानी के हर कदम की जांच पड़ताल कर सुनिश्चित हो जाना चाहते हैं।1981 में इंफोसिस लिमिटेड की स्थापना करने वाले नंदन नीलेकणि ने कहा कि दी ज्यूरी इज आउट"। हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया।पैसा जुटाने का दूसरा बैक अप प्लान भी हैऐसा माना जा रहा है कि भारत के इस सबसे अमीर आदमी के पास धन उगाहने का कोई और दूसरा बैक अप प्लान भी है। उनका मूल लक्ष्य रिलायंस के तेल और पेट्रोकेमिकल्स डिवीजन में 20% हिस्सेदारी सऊदी अरब की ऑयल कंपनी अरामको को 75 अरब डॉलर के एंटरप्राइज वैल्यू पर बेचना था। इसका 15 अरब डॉलर का वैल्यूएशन था। अरामको डील की घोषणा पहली बार अगस्त 2019 में हुई थी। इसके जरिए अगले 18 महीनों में रिलायंस कंपनी के ऊपर 22 अरब डॉलर के कर्ज से धीरे-धीरे छुटकारा पाना था। लेकिन सउदी के साथ बातचीत ठप होने के चलते रिलायंस के निवेशक ज्यादा चिंतित हो गए और 23 मार्च तक इसके शेयर 40% से अधिक लुढ़क गए।इस मामले से वाकिफ लोगों ने कहा कि अंबानी ने महीनों पहले अपनी डिजिटल सेवाओं और रिटेल इकाइयों में हिस्सेदारी की बिक्री की तलाश शुरू कर दी थी। यह तलाश तब तेज हुई जब अरामको डील में रुकावट आई।उम्मीदों को पार कर गई कंपनीनिवेशकों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया कंपनी की उम्मीदों को पार कर गई। क्योंकि केकेआर एंड कंपनी, सिल्वर लेक और मुबादला इन्वेस्टमेंट कंपनी सहित बड़े नामों ने डिजिटल कारोबार में 20 अरब डॉलर और रिटेल में 6.4 अरब डॉलर का निवेश किया। रिलायंस ने अपनी खुद की डेडलाइन खत्म होने से नौ महीने पहले जून में खुद को नेट डेट से मुक्त घोषित कर दिया था। इससे रिलायंस के शेयरों में उछाल आ गया।बच्चों ने भी बताई योजनाजुलाई में रिलायंस की वार्षिक शेयरधारक बैठक (एजीएम) में अंबानी और उनके बच्चों ईशा और आकाश ने अपनी हाईटेक महत्वाकांक्षाओं पर जोर देकर बात की। नई सेवाओं के बारे में उन्होंने बताया कि अगले साल 5G वायरलेस नेटवर्क और एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म लाएंगे जिस पर नेटफ्लिक्स डिज्नी प्लस हॉटस्टार, अमेज़न प्राइम वीडियो और टीवी चैनलों के दर्जनों एक छत के नीचे लाया जाएगा।अंबानी ने कहा कि रिलायंस की डिजिटल यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड भारत के लाखों सूक्ष्म, छोटे और मझोले कारोबारियों के लिए टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन और एप्स का पोर्टफोलियो भी विकसित करेगी। विदेशों में भी इस प्लेटफॉर्म के विस्तार करने की योजना है।5 जी सबसे बड़ी प्राथमिकतासाल 2021 के लिए कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता 5जी है। हालांकि रेगुलेटर ने अभी तक भारत की नेक्स्ट जनरेशन की एयरवेव्स (स्पेक्ट्रम) के अधिकारों की नीलामी नहीं की है। हालांकि अंबानी ने इस महीने कहा था कि उनकी कंपनी 2021 की दूसरी छमाही में भारत में 5जी क्रांति की अग्रणी कंपनी होगी।रिलायंस अगले साल की एजीएम में 5G प्रोडक्ट के लाइनअप को प्रदर्शित करने की योजना बना रही है। यह जुलाई और सितंबर के बीच कुछ समय के लिए होती है।गूगल के साथ काम कर रही हैकंपनी गूगल के साथ एंड्रायड आधारित 54 डॉलर वाले स्मार्टफोन पर भी काम कर रही है। यह स्ट्रीमिंग वीडियो, ऑनलाइन गेम्स और शॉपिंग समेत अन्य सेवाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा भारतीयों को मोबाइल डेटा का इस्तेमाल करने की रणनीति का हिस्सा है।वॉट्सऐप के साथ पेमेंट सिस्टमरिलायंस वॉट्सऐप की हाल ही में मंजूर की गई पेमेंट सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन को अपनी ऑनलाइन शॉपिंग सेवाओं के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है। अब ये कंपनियां म


Source: Dainik Bhaskar December 29, 2020 09:18 UTC



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