डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को मध्यावधि चुनावों से पहले सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में शुक्रवार को ट्रंप के बड़े पैमाने पर लगाए टैरिफ को खारिज कर दिया, जिन्हें उन्होंने राष्ट्रीय आपातकाल में इस्तेमाल के लिए बने कानून के तहत लागू किया था। शीर्ष अदालत ने इस फैसले में इस संबंध में राष्ट्रपति के पास अधिकार होने के दावे को खारिज कर दिया है। अब यह फैसला भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।अचानक टैरिफ झटके का खतरा कम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने राष्ट्रपति को IEEPA कानून के तहत आपातकालीन शक्तियों का दुरुपयोग करके मनमाने टैरिफ लगाने पर रोक लगा दी है। इससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिली है। इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटो कंपोनेंट्स, केमिकल्स, टेक्सटाइल और जेम्स-ज्वेलरी जैसे सेक्टर अचानक लगने वाले डिस्क्रिशनरी टैरिफ से सबसे ज्यादा प्रभावित होते थे। अब अस्थिरता का जोखिम काफी हद तक घट जाएगा।भारत के लिए बेहतर मौका इस फैसले ने अमेरिकी टैरिफ नीति को कांग्रेस की निगरानी वाले कानूनी ढांचे में लौटा दिया है। अब औपचारिक जांच, प्रक्रियागत सुरक्षा और समयबद्ध चर्चा अनिवार्य हो गई है। भारत के लिए इसका मतलब है ज्यादा संरचित वार्ता, साफ समयसीमा और उत्पाद-विशेष राहत की मांग करने का बेहतर मौका। व्हाइट हाउस की एकतरफा घोषणाओं के बजाय अब भारत सक्रिय बातचीत कर सकेगा.
Source: Dainik Jagran February 20, 2026 18:47 UTC