टेंशन मुक्त पेंशन: बैंक का चक्कर खत्म, पौने 4 लाख काे ट्रेजरी से मिलेगी पेंशन - News Summed Up

टेंशन मुक्त पेंशन: बैंक का चक्कर खत्म, पौने 4 लाख काे ट्रेजरी से मिलेगी पेंशन


Hindi NewsLocalRajasthanJaipurThe Bank's Affair Is Over, Quarter To 4 Lakh Will Be Available From The Treasuryटेंशन मुक्त पेंशन: बैंक का चक्कर खत्म, पौने 4 लाख काे ट्रेजरी से मिलेगी पेंशनजयपुर 20 घंटे पहले लेखक: सौरभ भट्‌टकॉपी लिंकप्रतीकात्मक फोटो।राज्य सरकार प्रदेश के पौने चार लाख पेंशनर्स के लिए बड़ा फैसला करने जा रही है। अब इनकी पेंशन बैंक के बजाय सीधे ट्रेजरी से दी जाएगी। इसके लिए वित्त विभाग जीएंडएफआर नियमों में जल्द बदलाव करेगा। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पेंशन स्वीकृति और पेंशन रिविजन के समय सरकार से बैंकों को फाइल भेजने और बैंक में उस फाइल के प्रोसेस होने में जो अनावश्यक समय लगता है, उसकी बचत होगी।साथ ही पेंशनर्स को बैंकों के चक्कर लगाने से भी निजात मिल जाएगी। इससे पहले वित्त विभाग पेंशनर्स से जुड़ा एक और बड़ा फैसला कर चुका है। इसमें पेंशन निर्धारण के लिए सर्विस बुक की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसमें कर्मचारी जिस दिन सेवा निवृत्त होगा, उसी दिन वेतन के आधार पर सीधे पेंशन निर्धारण के आदेश जारी हो जाएंगे।4 बड़ी वजह जिसकी वजह से सरकार ले रही है फैसला-1- मौजूदा प्रक्रिया में पेंशन मिलने में महीनों लगते हैंअभी ट्रेजरी से पेंशन पीपीओ जारी कर बैंक को फाइल भेजी जाती है। इसके बाद बैंक पेंशनर के लिए अपनी एक अलग फाइल बनाता है। इस फाइल को पेंशन स्वीकृति के लिए बैंक अपने हैड ऑफिस भेजता है। इसमें महीनों लग जाते हैं।2- पेंशन रिविजन के केस सालों से बैंकों में पैंडिंगजब भी पेंशन रिवाइज होती है तो बैंक पेंशनर की फाइल ट्रेजरी को भेजता है। यहां से पेंशन अपडेट होकर बैंक के पास जाती है। प्रदेश में 7वां वेतनमान 2016 में लागू हुआ, लेकिन अब भी हजारों पेंशनर्स हैं, जिनकी पेंशन नए वेतनमान में रिवाइज नहीं हो पाई।3 विधानसभा के जवाब तक नहीं देते हैं बैंकहाल में विधानसभा में पेंशन से जुड़े मामलों को लेकर कुछ सवाल लगे थे। इनका जवाब बैंकों के स्तर पर तैयार होना था, लेकिन बैंक व्यस्तता का हवाला देते हुए जवाबदेही में टालमटोल करते हैं।4 पहले ट्रेजरी मैन्युअल थी, अब ऑनलाइनपेंशनर्स को बैंकों के जरिए पेंशन देने का निर्णय 1977 में लिया गया था। तब ट्रेजरी में मैन्युअल वर्क होता था। अब ट्रेजरी का काम पूरी तरह ऑनलाइन हो चुका है। इसलिए सरकार को बैंकों की जरूरत नहीं है।


Source: Dainik Bhaskar October 23, 2021 01:24 UTC



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