टिप्पणी / चीफ जस्टिस ने कहा- टैक्स विवादों का जल्द समाधान हो, यह टैक्स देने वालों के लिए इन्सेन्टिव की तरह होगा - News Summed Up

टिप्पणी / चीफ जस्टिस ने कहा- टैक्स विवादों का जल्द समाधान हो, यह टैक्स देने वालों के लिए इन्सेन्टिव की तरह होगा


सीजेआई एसए बोबडे ने कहा- टैक्स विवादों के जल्द निपटारे से मुकद्मेबाजी में फंसी रकम भी मुक्त होगीचीफ जस्टिस ने टैक्स विवादों के लंबित मामलों पर चिंता जाहिर की, कहा- टैक्स ज्यूडिशियरी की भूमिका अहमDainik Bhaskar Jan 24, 2020, 07:51 PM ISTनई दिल्ली. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे ने शुक्रवार को कहा कि टैक्स विवादों का जल्द समाधान किया जाए, यह करदाताओं के लिए इन्सेन्टिव की तरह होगा। चीफ जस्टिस ने कहा कि जल्द समाधान से मुकदमेबाजी में फंसी रकम भी मुक्त होगी। उन्होंने लंबित मामलों पर चिंता जाहिर करने के साथ-साथ यह भी कहा कि टैक्स ज्यूडिशियरी देश को चलाने में अहम रोल निभाती है।सीजेआई एसए बोबडे ने इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के 79वें स्थापना दिवस पर कहा- टैक्स विवादों का न्यायपूर्ण और जल्द निपटारा टैक्स देने वालों के लिए प्रोत्साहन का काम करेगा। टैक्स कलेक्टर और टैक्स ज्यूडिशियरी यह निश्चित करें कि कानूनी तौर पर कर मूल्यांकन की मांग मुकदमेबाजी में ही न फंसी रहे।इनडायरेक्ट टैक्स से जुड़े मामलों में 61% की कमी आईसुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और कस्टम एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (सीईएसटीएटी) में इनडायरेक्ट टैक्स से जुड़े केसों में दो साल में करीब 61% यानी करीब 1.05 लाख तक की कमी आ गई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और कस्टम एक्साइज एंड सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल सीईएसटीएटी में 30 जून 2017 को 2,73,591 ऐसे केस लंबित थे। मार्च 2019 में यह घटकर 1,05,756 रह गए।लोगों को पता होना चाहिए कि उन्हें क्या देना है- सीजेआईजब चीफ जस्टिस से सवाल किया गया कि केसों के निपटारे के लिए और ज्यादा ट्रिब्यूनल बनाए जाने चाहिए तो उन्होंने कहा कि आपको इस बात को लेकर सतर्क रहना होगा कि हम केवल इसे ट्रांसफर न करें। लोगों को यह पता होना चाहिए कि उन्हें सरकार को क्या देना है और सरकार को यह पता होना चाहिए कि जो लंबित है वह केसों के जल्द निपटारे से हासिल किया जा सकता है।


Source: Dainik Bhaskar January 24, 2020 14:03 UTC



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