जेएनयू / हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी से फीस बढ़ोतरी पर जवाब मांगा, कहा- छात्रों का रजिस्ट्रेशन पुराने हॉस्टल नियमों के मुताबिक हो - News Summed Up

जेएनयू / हाईकोर्ट ने यूनिवर्सिटी से फीस बढ़ोतरी पर जवाब मांगा, कहा- छात्रों का रजिस्ट्रेशन पुराने हॉस्टल नियमों के मुताबिक हो


हाईकोर्ट के निर्देश- विंटर सेशन के लिए छात्र एक हफ्ते के भीतर पंजीयन कराएं, उनसे लेट फीस नहीं ली जाएगीछात्रसंघ ने आईएचए द्वारा हॉस्टल फीस मैनुअल में बढ़ोतरी को अवैध बताया, कहा- छात्रों पर बुरा असर पड़ेगाDainik Bhaskar Jan 24, 2020, 06:33 PM ISTनई दिल्ली. हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में फीस बढ़ोतरी के मामले में दायर छात्र संघ की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की। हाईकोर्ट ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रों का पंजीयन पुराने हॉस्टल नियमों के मुताबिक किया जाए। इसके अलावा कोर्ट ने कहा- विंटर सेशन के लिए छात्रों को एक हफ्ते के भीतर पंजीयन करना होगा और उनसे कोई लेट फीस नहीं ली जाएगी। छात्र संघ ने कहा कि हॉस्टल मैनुअल में बदलाव को इंटर हॉस्टल एडमिनिस्ट्रेशन (आईएचए) ने गलत तरीके से मंजूरी दी। यूनिवर्सिटी को किसी भी तरह का एक्शन लेने से रोका जाए।जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष और अन्य पदाधिकारियों ने अपनी याचिका में आईएचए और उच्चस्तरीय समिति की फीस बढ़ोतरी को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया कि आईएचए ने जो फैसला लिया है, वह मनमाना, दुर्भावना से भरा हुआ और अवैध है।बदलावों का आरक्षित श्रेणी के छात्रों पर बुरा असर पड़ेगा- छात्र संघछात्र संघ ने दावा किया कि हॉस्टल मैनुअल में बदलाव की आईएचए की अनुशंसाएं जेएनयू एक्ट 1966 के खिलाफ हैं। इन अनुशंसाओं में आईएचए में छात्रसंघ की भागीदारी को कम करना, हॉस्टल में रहने वालों के लिए फीस में बढ़ोतरी और हॉस्टल मैनुअल में बदलाव शामिल हैं। इन सभी चीजों का आरक्षित श्रेणी के छात्रों पर बुरा असर पड़ेगा।हॉस्टल फीस मैनुअल में इन बदलावों को छात्रसंघ ने कोर्ट में चुनौती दी


Source: Dainik Bhaskar January 24, 2020 13:18 UTC



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