प्रयागराज (ब्यूराे)। सर्दियों के इस मौसम में रात के वक्त पड़ रहे घने कोहरे में यात्रियों की जान के दुश्मन बन चुके डिवाइडर के कट को चिन्हित करके बंद करने का काम शहर से गांव तक शुरू हो गया है। कोहरेमें चंद लोगों द्वारा बनाए गए अवैध कट से हो रहे हादसों की आशंका पर चार जनवरी के अंक में दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। प्रकाशित खबर को संज्ञान लेते हुए अफसरों के द्वारा समस्या का तोड़्र निकालने के लिए भगीरत मंथन शुरू किया गया। दिमाग खपाने के बाद अब प्रशासन के द्वारा ऐसे डिवाइडर के कट को बंद करने का काम शुरू कर दिया गया है, जिससे कोहरे में हादसों के होने की प्रबल आशंका है। डिवाइडर के बीच में बनाए गए अवैध कट को भी चिन्हित करके उसे भी बंद किया जाएगा।आए दिन हो रहे थे हादसेठंडी में करीब पंद्रह दिनों से जिले में रात के वक्त जबरदस्त कोहरा पड़ रहा है। कोहरे की वजह से सड़कों पर बिजिविलिटी काफी कम हो गई है। हालात यह है कि चंद कदम दूर पर चलने वाला व्यक्ति भी आधी रात को नजर नहीं आ रहा। ऐसी स्थिति में सड़कों के बीच बनाए गए डिवाइडर के कट हादसों को जन्म दे रहे हैं। क्योंकि डिवाइडर के बीच प्रशासन ने कट तो बना दिया है, मगर सड़क सुरक्षा के मद्देनजर कट के दोनों साइड रिफ्लेक्टर या ग्लोसाइन टेल लगाना की जरूरत जिम्मेदार नहीं समझे। डिवाइडर के कट में रिफ्लेक्टर व टेप के नहीं होने से ट्रक व चार ही नहीं बाइक चालक भी डिवाइडर में कहां कट है नहीं देख पाते। चूंकि स्थानीय लोगों का हमेशा आवागमन बना रहता है, इस लिए उन्हें पता होता है कि कट किस जगह पर है और वह अचानक कोहरे में इस बीच सड़क से टर्न हो जाते हैं। बस ऐसे चालकों की यही गलती कोहरे में एक्सीडेंट का कारण बन रही है। हादसों के शिकार हुए लोगों को ही नहीं जिन गाड़ियों से एक्सीडेंट होते हैं पकड़ने जाने पर वह भी मुसीबत में पड़ जाते हैं। यही वजह है कि एक्सीडेंट के बाद चालक घने कोहरे के बावजूद भागने लगते थे। फिर चाहे आगे किसी और ठोंक दे वह इसकी परवाह नहीं करते। इन्हीं तमाम बातों व कोहरे में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए दैनिक जागरण आईनेक्स रिपोर्टर ने ऐसी कई सड़कों के डिवाइडर के कट का रियलिटी चेक करते हुए समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया। प्रकाशित खबर को संज्ञान लेते हुए अधिकारी समस्या का तोड़ निकालने में जुट गए। क्योंकि माघ मेला चल रहा, ऐसे में यह कट स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी किसी खतरे से कम नहीं हैं।शुरू हुआ डेंजर कट का कामतमामडिवाइडर के ऐसे कट में रिफ्लेक्टर या टेप लगाने के लिए बजट का अभाव अफसरों के सामने रोड़ा बनने लगा। इसके बाद बगैर बजट के समस्या का हल खोजने में जिम्मेदार जुट गए।समाधान का रास्ता निकाला गया कि बैरियर लगाकर या बल्ली गाड़कर ऐसे डिवाइडर को ठंडी व काहरे तक बंद कर दिया जाय, जिससे टर्निंग के वक्त हादसे की आशंका अधिक है।अफसरों के इस फैसले का शहर से लेकर गांव तक अमल शुरू हो गया है। शहर के अंदर प्रयागराज रेलवे स्टेशन गेट नंबर दो साइड विक्रम स्टैंड के पास ऐसे बड़े कट को लोहे के बैरियर लगाकर बंद कर दिए गए हैं।छोटे कट को जहां बैरियर नहीं लग सकते उन स्थानों पर बल्ली गाड़कर टर्निंग को राक दिया गया है। इतना ही शहर के बेली रोड पर म्योराबाद चौराहे के आगे पेट्रोल पम्प के सामने भी दो कट काफी खतरनाक थे।इन दोनों कट को भी रोड पर बल्ली गाड़कर बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं तेलियरगंज विद्युत उपकेंद्र के सामने के कट को भी बैरियर लगाकर बंद कर दिया गया है।रीवां राष्ट्रीय राजमार्ग पर इरादतगंज से घूरपुर तक अवैध कट को बंद करने का काम शुरू हो गया है। बताते हैं कि यहां इरादतरगंज, घूरपर, गौहनिया और जारी क्षेत्र तक इस मार्ग पर दर्जनों जगह अवैध कट दुकानदारों व लोगों ने बना लिए थे। अभी ऐसे और कट को चिन्हित करके बंद करने का काम जिला प्रशासन के पाइपलाइन में है।प्रशासन बहुत सही काम कर रहा था। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में ही कुछ दिन पूर्व डिवाइडर के बीच कट से उत्पन्न खतरों को लेकर खबर पढ़ा था। कई जगह डिवाइडर के कट अब बंद कर दिए गए हैं, यह बहुत जरूरी भी है। क्योंकि कोहरे में लोग अचानक लेन चेंज कर लेते थे और सामने से आ रहे वाहनों के शिकार हो जाते थे। बहुत अच्छा काम हो रहा है।मुकेश प्रजापति, झूंसीप्रशासन को चाहिए कि ऐसे खतरे वाले डिवाइडर के कट को तो बंद करें ही, जो लोग बीच-बीच में डिवाइडर को तोड़कर कट बना रखे हैं उसे भी बंद किया जाय। शहर ही नहीं, झूंसी और अंदावां में तो लोग डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बना रखे हैं। ताकि सवारियां व ग्राहक एक लेन से दूसरी लेन में आसानी से आ सकें। यह काम कुछ टैक्सी चालकों व दुकानदारों करते हैं।रोहित यादव, अंदावांशहर में ही नहीं पूरे जिले में सड़क के बीच बनाए गए सुरक्षा के लिहाज से डिवाइडर के कई ऐसे कट हैं जो काफी डेंजरस हैं। इस कट से लोग कब लेन चेंज करेंगे कुछ पता नहीं होता। कोहरे में दिखाई नहीं देने से ट्रक हो या बाइक अथवां अन्य वाहन हादसे के शिकार हो जाया करते थे। कोहरे के कारण डिवाइडर स्पष्ट दिखाई नहीं देते। अनजान चालक उसी स्पीड से ड्राइव करते हुए आते हैं और टर्न करने वाले टकरा जाते हैं।मोहित मिश्रा, पार्टनर त्रिवेणी गैस सर्विस कटरायह काम तो ठंडी आने और कोहरा पड़ने से पहले ही कर देना चाहिए था। क्योंकि सबसे ज्यादा ट्रक चालक डिवाइडर के ऐसे कट से परेशान होते हैं। कोहरे के कारण बाइक व छोटे वाहन चालक शार्टकट ज्यादा अपनाने की कोशिश करते हैं। जो रात के समय अपनी स्पीड से जा रहे ट्रक से टकरा जाते हैं। ऐसे में समस्या चालकों को झेलनी पड़ती है। एक्सीडेंट के लिहाज से डेंजर कट बंद करना सराहनीय कार्य है।आकाश शुक्ला, प्रदेश सचिव ट्रक आपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन
Source: Dainik Jagran January 05, 2026 19:43 UTC