दुनिया के सबसे छोटे बच्चे को 7 महीने बाद अस्पताल से घर भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। रेयुसूके सेकिया अक्टूबर 2018 में पैदा हुआ था। उस वक्त उसका वजन महज 258 ग्राम था। उसे दुनिया में लाने के लिए 24 हफ्ते 5 दिन की प्रेग्नेंसी के बाद ही रेयुसूके की मां का इमरजेंसी ऑपरेशन करना पड़ा था। डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और बच्चे का वजह अब 13 गुना बढ़कर 3 किलो से ऊपर हो चुका है। रिकवरी को देखकर ही बच्चे को घर भेजने का फैसला लिया गया है।1 अक्टूबर 2018 को रेयुसूके का जब जन्म हुआ तब उसकी लंबाई महज 22 सेमी यानी 8.66 इंच थी। उसे अस्पताल के नियोनटाल इंटेंसिव केयर यूनिट में रखा गया था। उसे ट्यूब से आहार दिया जाता था। मेडिकल स्टाफ रुई के जरिए मां का दूध उसके मुंह में डालता था।मां तोशिको का कहना है कि जन्म के समय रेयुसूके एक सेब जितना छोटा था। कई बार लगता था कि छूने से वह टूट जाएगा। लेकिन अब वह दूध पी सकता है। उसे नहलाया भी जा सकता है। तोशिको को खुशी है कि वह उसे बड़ा होता देख सकेगी।इससे पहले विश्व के सबसे हल्के बच्चे का रिकार्ड जापान के ही एक बच्चे के नाम पर था। पिछले साल जन्मे इस बच्चे का वजन 268 ग्राम था। उसे इसी साल फरवरी में अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था।
Source: Dainik Bhaskar April 20, 2019 02:30 UTC