जानें, कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के वायनाड सीट से लड़ने के मायनेनई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में अमेठी के अलावा उत्तरी केरल के वायनाड से दूसरी सीट पर चुनाव लड़ेंगे। पार्टी का कहना है कि सभी दक्षिणी राज्यों ने कांग्रेस अध्यक्ष से अपने राज्यों से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया था। पर्याप्त विचार-विमर्श के बाद उन्होंने वायनाड से चुनाव लड़ने का फैसला किया।पड़ेगा प्रभावकेरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम से 450 किलोमीटर दूर उत्तर में स्थित वायनाड लोकसभा सीट दो राज्यों कर्नाटक और तमिलनाडु के साथ सीमाएं साझी करती है। ऐसे में यहां कांग्रेस के नेताओं को लगता है कि राहुल गांधी की उपस्थिति से दो पड़ोसी राज्यों में भी कांग्रेस की संभावनाएं बढ़ेंगी। इस सीट को 2008 के परिसीमन के दौरान मलप्पुरम और कोझीकोड से अलग किया गया था।ये भी पढ़ें - अरविंद केजरीवाल बोले- कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में गठबंधन से किया इनकारप्रसिद्धिमसालों, विशेष रूप से काली मिर्च के लिए भी प्रसिद्ध इस निर्वाचन क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें हैं।वायनाड लोकसभा सीटज्ञात हो कि केरल के वायनाड को लोकसभा का संसदीय क्षेत्र बने हुए कुछ ही साल हुए हैं। 2008 में इसे लोकसभा का निर्वाचन क्षेत्र बनाया गया था। वायनाड लोकसभा सीट के अंतर्गत सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इनमें से तीन वायनाड जिले में आते हैं ये हैं- मानाथावाडी, सुल्तानबथेरी और कल्पेट्टा।ये भी पढ़ें - वायनाड से चुनाव लड़ने के फैसले पर कांग्रेस ने कहा- अमेठी से राहुल का रिश्ता आत्मीयइनके अलावा एक कोझिकोड जिले का थिरुवंबाडी है और तीन अन्य मलप्पुरम जिले के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र एननाड, नीलांबुर और वांडूर आते हैं। इलाके में मुस्लिम मतदाताओं की तादाद सबसे ज्यादा है। यह सीट पिछले साल से ही खाली है, जब यहां के सांसद का निधन हो गया था। राहुल गांधी के लिए वायनाड सीट फाइनल करने से पहले कांग्रेस आलाकमान ने मुस्लिम लीग सुप्रीमो पी. शिहाब थंगल से बातचीत की, जिन्होंने राहुल गांधी के नाम का गर्मजोशी से स्वागत किया।क्या है वायनाड का वोट गणितवायनाड में हिंदू आबादी कुल 404,460 (49.48%) है। मुस्लिम आबादी 2,34,185 (28.65%) है। ईसाई) समुदाय की बात करें तो उनकी जनसंख्या 1,74,453 (21.34%) है। अनुसूचित जाति (एससी) की आबादी 3.99 प्रतिशत जबकि अनुसूचित जनजाति (एसटी) की तादाद 18.53 प्रतिशत है। कुल आबादी के 96.14 फीसदी लोग शहरी इलाकों में रहते हैं, वहीं 3.86 प्रतिशत लोग ग्रामीण इलाकों में निवास करते हैं।खाली है सीट2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस उम्मीदवार एमआइ शनवास यहां से विजयी हुए थे। 2009 में उनकी जीत का अंतर 1,53, 439 था लेकिन 2014 में यह घटकर सिर्फ 20,870 रह गया। छह महीने पहले शनवास की मृत्यु के बाद यह सीट खाली हो गई है। वहीं पार्टी के नेता टी सिद्दीकी जो इस सीट से चुनाव लड़ने की होड़ में सबसे आगे थे, ने अपना नाम वापस ले लिया है।ये भी पढ़ें - राहुल के वायनाड से चुनाव लड़ने पर बोले रविशंकर- जहाज डूबता देख भागा कप्तानमतदाताओं की संख्याइस क्षेत्र में एससी / एसटी और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं की एक बड़ी संख्या है।अन्य उम्मीदवारसत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे ने सीपीआइ के पीपी सुनीर को मैदान में उतारा है और राजग से इस सीट पर बीडीजेएस (भारतीय धर्म जनसंघ) के उम्मीदवार को उतारा गया है। बीडीजेएस ने पहले ही घोषणा कर दी है कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव लड़ते हैं तो वह यह सीट भाजपा को देगी।वामपंथी दलों में खलबलीकेरल में राहुल गांधी की अप्रत्याशित मौजूदगी से वामपंथी दल चिंतित हैं। मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा है कि केरल में आने के दौरान उन्होंने इस धारणा को ही मजबूत किया है कि वामपंथी दल कांग्रेस के मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं।चुनाव की विस्तृत जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करेंPosted By: Sanjay Pokhriyal
Source: Dainik Jagran April 01, 2019 04:38 UTC