महाराष्ट्र में भाजपा के लिए मुंबई महापालिका पर विजयी ध्वज फहराना जितना महत्वपूर्ण था, उतना ही पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ (पिंचि) मनपा को बचाए रखना भी जरूरी था।- मुनीष शर्मामुंबई ठाकरे बंधु तो पुणे-पिंचि में भाजपा ने राकांपा (अजित) और शिवसेना (शिंदे) से दूरी बनाकर रखी। अजित पवार ने दोनों जगह चाचा शरद पवार की अंगुली पकड़ी और दोनों राकांपा मिलकर मैदान में उतरी। शरद पवार तो चुनाव में कही नहीं दिखे लेकिन अजित पवार ने खुलकर भाजपा के खिलाफ जहर उगला। भ्रष्टाचार से लेकर विकास के मुद्दे तक उन्होंने कहीं सीधे तो कहीं तंज के जरिए भाजपा को घेरा।
Source: Dainik Bhaskar January 20, 2026 09:25 UTC