माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी होने पर राजधानी के कोतवाली थाने में पुलिस स्टॉफ के बीच सोमवार को खुशी का आलम था और इसकी इकलौती वजह थी सिर्फ मुस्कान। जी हां, मुस्कान। जिसे कोतवाली थाना पुलिस ने वर्ष 2012 में गोद लिया था। तभी से मुस्कान, कोतवाली थाने की बेटी कहलाई। जिसे अपनों के प्यार से ज्यादा स्नेह और दुलार कहीं मिला तो वह है कोतवाली थाना और उसका स्टॉफ।आमतौर कम बोलने वाली शर्मीली सी मुस्कान जयपुर में चौड़ा रास्ता स्थित माहेश्वर सीनियर सैकंडरी स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा है। सोमवार को परीक्षा परिणाम आया। जिसमें वह फर्स्ट क्लास पास हुई। उसके 67 प्रतिशत मार्क्स आए। यह खुशखबरी कोतवाली थानाप्रभारी अरुण पूनियां तक पहुंची। तब उन्होंने मुस्कान को फोन कर बधाई दी। उसे कोतवाली थाने बुलाया। जहां वह अपनी दादी के साथ पहुंची।इसके बाद थाने में मौजूद पूरे पुलिस स्टॉफ और थानाप्रभारी अरुण पूनियां ने मुस्कान को मिठाई खिलाकर बधाई देते हुए खुशहाली की कामना की। मुस्कान भी अपनों के बीच इस खुशी से लबरेज नजर आ रही थी। आपकों बता दें कि वर्ष 2012 में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में कमिश्नर बीएल सोनी ने सभी थानों को एक एक जरुरतमंद बच्चे को गोद लेने की अपील की थी।तत्कालीन थानाप्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने आठ साल पहले लिया था गोद इसके बाद तत्कालीन कोतवाली थानाप्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने मुस्कान को चुना। जब वह महज आठ वर्ष की थी। मुस्कान को माता पिता का प्यार तो नसीब नहीं हुआ। वह बुजुर्ग दादी व दादा और अपने ताऊ की गोद में ही पली बढ़ी। लेकिन जब कोतवाली थानाप्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने बच्ची मुस्कान को गोद लिया। तब वह कोतवाली थाने की बेटी कहलाई।माहेश्वरी समाज ने स्कूल में दिया एडमिशन उठाया पढ़ाई का खर्चा दैनिक भास्कर में खबर छपने के बाद माहेश्वरी समाज ने पुलिस के साथ मिलकर मुस्कान की पढ़ाई का खर्चा उठाने का जिम्मा उठाया। इसके बाद उसे चौड़ा रास्ता स्थित माहेश्वरी स्कूल में एडमिशन दिया। जहां उसे नि:शुल्क शिक्षा व बुक्स उपलब्ध करवाई गई। वहीं, समय-समय पर पुलिस स्टॉफ उसकी संभाल करता है।
Source: Dainik Bhaskar June 03, 2019 14:57 UTC