जब बैठक से पहले कांग्रेस नेता भूल गए अपना अजेंडा - News Summed Up

जब बैठक से पहले कांग्रेस नेता भूल गए अपना अजेंडा


संकलन: रमेश जैनबात आजादी से कुछ पहले की है। उस दौरान कांग्रेस की बैठकें, सम्मेलन और अधिवेशन देशभर में जगह-जगह होते रहते थे। एक बार कांग्रेस की बैठक होनी थी, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं। लेकिन बैठक शुरू होने से कुछ देर पहले ही पता चला कि इस बैठक का अजेंडा तो कहीं गुम हो गया है। लोगों ने अजेंडा खोजने की काफी कोशिश की, मगर वह नहीं मिला और सभी नेता परेशान हो गए।जनवरी महीने के प्रमुख व्रत, इस खास त्योहार से हो रही है महीने की शुरुआतआनन-फानन में इसकी खबर गांधी जी को दी गई। समस्या सुनकर गांधी जी ने राजेंद्र प्रसाद को अपने पास बुलाया और कहा, ‘राजेंद्र बाबू, वह अजेंडा आपका पढ़ा हुआ तो था ही। इसलिए जो-जो बातें आपको याद आती जाएं, एक कागज पर लिखते जाइए, ताकि मीटिंग तो शुरू की जा सके।’ गांधी जी की बात मानकर राजेंद्र बाबू ने याद कर के अजेंडे की बातें एक कागज पर नोट कर लीं और कुछ ही देर में बैठक शुरू कर दी गई। संयोग से कुछ ही देर बाद वह अजेंडा भी मिल गया, जो पहले तैयार किया गया था।साल 2021 का राशिफल : छात्रों और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए कैसा रहेगा साल जानेंगांधी जी के कहने पर जवाहरलाल नेहरू ने उस अजेंडे का राजेंद्र बाबू के तैयार किए गए दूसरे अजेंडे से मिलान किया, तो पता चला कि दोनों अजेंडे बिल्कुल एक जैसे ही थे। राजेंद्र बाबू ने मूल अजेंडे की एक-एक बात को याद करके ज्यों का त्यों लिख लिया था। नेहरू जी राजेंद्र बाबू की ओर मुखातिब होकर आश्चर्य से बोले, ‘वाह! क्या दिमाग है।’ राजेंद्र बाबू कहां चुप रहने वाले थे, तुरंत ही तपाक से बोले, ‘नेहरू जी यह दूध का दिमाग है, अंडों का नहीं।’ राजेंद्र बाबू पूर्णतया शाकाहारी थे। यह उत्तर सुनकर नेहरूजी झेंप गए। बैठक में उपस्थित सभी लोग यह प्रसंग सुनकर हंसने लगे और राजेंद्र बाबू की तारीफ करने लगे।


Source: Navbharat Times December 31, 2020 04:41 UTC



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