बिलासपुर, नईदुनिया। छत्तीसगढ़ में HIV पीड़ित का तिरस्कार करने वालों पर कार्रवाई की गई है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने मानव रोगक्षम अल्पता विषाणु और अर्जित रोगक्षम अल्पता संरक्षण निवारण व नियंत्रण अधिनियम की धारा 37 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। देश में संभवत: पहली बार इस तरह का मामला दर्ज किया गया है।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में दर्ज यह मामला जन्मजात HIV पीड़ित युवती का तिरस्कार कर उसका नाम सार्वजनिक करने और निजी संस्थान से काम से निकालने का है। इस धारा का उल्लेख नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) में भी नहीं है। ऐसे में इस प्रकरण को एनसीआरबी के रिकार्ड में जोड़ने के लिए ई-मेल से जानकारी भेजी गई है।बिलासपुर सिविल लाइन थाने के एक कैफे में काम करने वाली युवती जन्मजात HIV पीड़ित है। इसकी जानकारी मोहल्ले के एक जनप्रतिनिधि को हुई। उसने महिला बाल विकास विभाग को इसकी सूचना दी। साथ ही उसे मोहल्ले से ले जाने के लिए बाध्य किया। अधिकारियों ने उसे कुम्हारपारा स्थित स्वाधार केंद्र भेज दिया लेकिन, स्वधार केंद्र में युवती के साथ दुर्व्यवहार हुआ। उसका बिस्तर, कपड़ा व सामान अलग कर दिया गया। इससे युवती की हालत बिगड़ने लगी। इसके साथ ही कैफे में भी उसके HIV पीड़ित होने की जानकारी दे दी गई। इसके चलते उसे काम से निकाल दिया गया।इसकी भनक स्थानीय अधिवक्ता व समाजसेवी को हुई, तब उन्होंने मामले की शिकायत महिला बाल विकास विभाग और पुलिस से की। महिला बाल विकास विभाग के प्रतिवेदन के आधार पर पीड़ित युवती की शिकायत पर पुलिस ने सुधार गृह की अधीक्षिका व कैफे संचालिका सेफाली के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है।Posted By: Nancy Bajpai
Source: Dainik Jagran January 07, 2019 03:00 UTC