जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 3.1 % रही, अनुमान 2.2 % का था, सालाना आधार पर 6.1 से गिरकर 4.2% रही - Dainik Bhaskar - News Summed Up

जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 3.1 % रही, अनुमान 2.2 % का था, सालाना आधार पर 6.1 से गिरकर 4.2% रही - Dainik Bhaskar


अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 % थी जीडीपी2019 के पूरे साल के दौरान 6.1 % था यह आंकड़ादैनिक भास्कर May 29, 2020, 08:22 PM ISTमुंबई. जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 3.1 % रही है। हालांकि पूरे साल के दौरान जीडीपी की वृद्धि दर 4.2 % रही। इसी तरह ग्रास वैल्यू एडेड (जीवीए) 3.9 प्रतिशत रहा है। यह जानकारी केंद्रीय सांख्यिकीय विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी की गई। कोरोना संकट के बाद यह आंकड़ा पहली बार जारी किया गया है।पिछले साल 6.1 % रही थी जीडीपी की वृद्धि दरइससे पहले अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 4.7 % थी। जबकि 2019 के पूरे साल के दौरान यह वृद्धि दर 6.1 % थी। भारत की रियल जीडीपी की बात करें तो यह इस समय 145.66 लाख करोड़ रुपए पर टिकी है। चौथी तिमाही की जीडीपी 38.04 लाख करोड़ रुपए रही है जो 2018-19 में समान अवधि में 36.90 लाख करोड़ रुपए थी। वित्तीय वर्ष 2019 में पहले रिवाइज के दौरान यह आंकड़ा 139.81 लाख करोड़ रुपए था।आगे रिवाइज हो सकता है जीडीपी की वृद्धि दर का अनुमानसरकार ने इस दौरान पहली, दूसरी, तीसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़ों को रिवाइज किया है। इसके अनुसार यह आंकड़ा 5.2, 4.4 और 4.1 % रहेगा। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार कोविड-19 और लगातार चल रहे लॉकडाउन की वजह से जीडीपी वृद्धि के अनुमान को आगे भी रिवाइज कर सकती है। सांख्यिकीय मंत्रालय ने इस तरह का संकेत दिया है कि तिमाही और सालाना अनुमान आगे रिवाइज किया जा सकता है।माइनिंग और कृषि में अच्छी रही विकास दरमाइनिंग ग्रोथ की बात करें तो यह चौथी तिमाही में 2.2 % से बढ़कर 5.2 % रही है। कृषि की विकास दर इसी अवधि में तिमाही आधार पर 3.6 % से बढ़कर 5.9 % पर रही है। इससे पहले अप्रैल में 8 सेक्टर की वृद्धि दर 38.1 % गिरी। मार्च में इसमें 9 % की गिरावट आई थी। इलेक्ट्रिसिटी आउटपुट 22.8 % गिरा जबकि सीमेंट के आउटपुट में 86 % की गिरावट देखी गई थी।मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ माइनस में रहीस्टील का आउटपुट 84 %, फर्टिलाइजर का 4.5 %, रिफाइनरी का 24.2 %, क्रूड ऑयल का 6.4 %, कोयला का 15.4 % गिरा है। इसमें सबसे खराब स्थिति मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रही है जिसकी ग्रोथ -1.4 % रही है। एक साल पहले इसी अवधि में यह 2.1 % थी। फार्म सेक्टर की ग्रोथ रेट 5.9 % रही है जो एक साल 1.6 % था।मार्च में एक हफ्ते की बंदी से ज्यादा असर नहींहालांकि इस आंकड़े पर लॉकडाउन का ज्यादा असर इसलिए नहीं पड़ा है क्योंकि मार्च के अंतिम हफ्ते में लॉकडाउन शुरू हुआ था। इस तरह से देखा जाए तो महज एक हफ्ते के बंद का ही इस पर असर हुआ है। बीते वित्त वर्ष की पहली तीन तिमाहियों में विकास दर क्रमशः 5.1 %, 5.6 % और 4.7 % थी।तमाम एजेंसियों ने 2 % से नीचे का अनुमान लगाया थाबता दें कि इससे पहले तमाम एजेंसियों ने अपना-अपना अनुमान पेश किया था। ज्यादातर एजेंसियों ने मार्च तिमाही में 2 % से नीचे ही जीडीपी का अनुमान व्यक्त किया था। हालांकि पूरे साल के लिए यह आंकड़ा 5 % से नीचे का अनुमान लगाया गया था। इक्रा ने मार्च तिमाही के लिए 1.9 %, क्रिसिल ने 0.5 %, एसबीआई ने 1.2 प्रतिशत, केयर ने 3.6 %, आईसीआईसीआई बैंक ने 1.5 % और नोमुरा ने 1.5 % के जीडीपी का अनुमान लगाया था।पूरे साल के लिए 4 प्रतिशत से ऊपर का अनुमान थाजबकि पूरे साल के लिए इ्रक्रा ने 4.3 %, क्रिसिल ने 4, एसबीआई ने 4.2, केयर ने 4.7, आईसीआईसीआई बैंक ने 5.1 और फिच ने 5 %का अनुमान लगाया था। बता दें कि लॉकडाउन4.0 रविवार को समाप्त हो रहा है। जीडीपी का आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि कोविड-19 से लॉकडाउन के बाद यह पहली बार जारी हो रहा है।लॉकडाउन से पहले देश की विकास दर 6 साल के निचले स्तर परलॉकडाउन से पहले भारत की विकास दर पिछले छह साल में सबसे निचले स्तर पर थी। एसबीआई इकोरैप रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस संकट के कारण देश की अर्थव्यवस्था को भारी झटका लगने की आशंका है। देश की अर्थव्यवस्था को 1.4 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होने की संभावना है। सरकार ने इस साल में पहले ही 12 लाख करोड़ रुपए की उधारी ले रखी है। इसका असर आनेवाले समय में आंकड़ों पर दिखेगा।


Source: Dainik Bhaskar May 29, 2020 12:16 UTC



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