जंग में अकेले पड़ गए हैं डोनाल्ड ट्रंप? सहयोगी देश अमेरिका का साथ नहीं दे रहें, गुस्से में बोले- ‘मुझे किसी की जरूरत नहीं’ - News Summed Up

जंग में अकेले पड़ गए हैं डोनाल्ड ट्रंप? सहयोगी देश अमेरिका का साथ नहीं दे रहें, गुस्से में बोले- ‘मुझे किसी की जरूरत नहीं’


US Iran War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि ईरान के खिलाफ जारी जंग में वे अपने ही देश की मदद के लिए निराश हो गए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने करीब सात देशों से संपर्क किया है ताकि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपने युद्धपोत भेजें और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को सुरक्षित बनाएं, लेकिन ज्यादातर देशों ने इनकार कर दिया है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अब अमेरिका अकेले ही इस जंग का सामना करेगा, क्योंकि उसके सहयोगी उसकी जरूरतें पूरी नहीं कर रहे हैं।ट्रंप का हमला: सहयोगी देशों को चेतावनीअमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा, “हमें किसी की भी जरूरत नहीं है। हम दुनिया के सबसे मजबूत राष्ट्र हैं, और हमारी मिलिट्री सबसे ताकतवर है।” उन्होंने बताया कि अपने इस प्रयास में उन्होंने सात देशों से बात की, जिनमें जर्मनी, स्पेन, इटली और ब्रिटेन शामिल हैं। इन देशों ने तेल के जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने के लिए वॉरशिप भेजने से साफ इनकार कर दिया। ब्रिटेन ने शुरू में दो एयरक्राफ्ट कैरियर भेजने से मना कर दिया था, लेकिन जंग के खत्म होने के बाद उसने ऑफर किया, जिसे ट्रंप ने ठुकरा दिया।अमेरिका का अकेलापन और NATO पर चिंताट्रंप ने कहा, “मैं हमेशा कहता आया हूं कि अगर कभी हमें उनकी जरूरत पड़ी तो वे मदद नहीं करेंगे। अब देखिए, मैं इस बात को लेकर सचेत हूं।” उन्होंने NATO के सहयोगी देशों को भी चेतावनी दी कि यदि वे मदद नहीं करेंगे तो NATO का भविष्य ‘बहुत बुरा’ हो सकता है। खासतौर पर ब्रिटेन पर कटाक्ष करते हुए कहा, “उन्होंने शुरुआत में मदद नहीं की, लेकिन जंग खत्म होने के बाद ऑफर किया। मैंने कहा, जंग खत्म होने के बाद मुझे कैरियर की जरूरत नहीं।”स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का संकटस्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल रास्ता है, जहां से करीब 20% वैश्विक तेल का परिवहन होता है। ईरान ने इस जलमार्ग को बंद कर दिया है और 15 से अधिक जहाजों पर हमले किए हैं, जिससे तेल का आवागमन लगभग बंद हो गया है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने स्पष्ट किया है कि यह स्ट्रेट हमेशा के लिए बंद रहेगा। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि यह बंद रहता है, तो तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।जंग का आगाज और आगे का माहौलयह सब 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और अमेरिकी बेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और जंग फैल गई।जंग की स्थिति और भविष्यडोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि यह जंग जल्द खत्म हो जाएगी, लेकिन इस हफ्ते उन्होंने कहा कि अभी यह लंबी खिंचने वाली है। अमेरिका अपने ही जहाजों को अकेले ही एस्कॉर्ट करेगा, जबकि कई सहयोगी देशों से बात चल रही है, लेकिन उनमें से अधिकांश ‘कम उत्साही’ हैं। ट्रंप ने कहा, “मैं इन पर दबाव नहीं डाल रहा, क्योंकि मेरा मानना है, हमें किसी की जरूरत नहीं।”यह भी पढ़े : ‘आई मिस यू जी..’, इंस्टाग्राम पर लाइव आकर पी लिया जहर, पहली स्टोरी में पत्नी के साथ फोटो लगाई तो दूसरी में लिखा- ‘पापा माफ करना’


Source: Dainik Bhaskar March 17, 2026 10:47 UTC



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