चुनाव में हार से सबक लेने की जरूरत: सोनिया बोलीं - यह कहना काफी नहीं कि बहुत निराश हैं, चुनाव में गंभीर हार से सबक लेने की जरूरत - News Summed Up

चुनाव में हार से सबक लेने की जरूरत: सोनिया बोलीं - यह कहना काफी नहीं कि बहुत निराश हैं, चुनाव में गंभीर हार से सबक लेने की जरूरत


Hindi NewsLocalDelhi ncrSonia Said It Is Not Enough To Say That They Are Very Disappointed, Need To Learn Lessons From Serious Defeat In ElectionsAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपचुनाव में हार से सबक लेने की जरूरत: सोनिया बोलीं - यह कहना काफी नहीं कि बहुत निराश हैं, चुनाव में गंभीर हार से सबक लेने की जरूरतनई दिल्ली 10 घंटे पहलेकॉपी लिंकवीडियोवीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई बैठक में सोनिया ने कहा, ‘मैं हार के हर पहलू पर गौर करने के लिए एक छोटे समूह का गठन करना चाहती हूं। (फाइल फोटो)काेरोना संकट की वजह से कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव टलाकांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार पर सोमवार को चिंता जताई। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सोनिया ने कहा, ‘चुनाव में गंभीर हार से सबक लेने की जरूरत है। यह कहना काफी नहीं होगा कि हम बहुत निराश हैं। नतीजे स्पष्ट करते हैं कि कांग्रेस में स्थितियां सुधारने की जरूरत है।’ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई बैठक में सोनिया ने कहा, ‘मैं हार के हर पहलू पर गौर करने के लिए एक छोटे समूह का गठन करना चाहती हूं। हमें समझना होगा कि हम केरल और असम में मौजूदा सरकारों को हटाने में क्यों विफल रहे। बंगाल में हमारा खाता तक क्यों नहीं खुला। इन सवालों के कुछ असहज सबक होंगे। अगर हम वास्तविकता का सामना नहीं करेंगे, तथ्यों को सही ढंग से नहीं देखेंगे तो सही सबक नहीं ले सकेंगे।’गौरतलब है कि प. बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार मिली। सिर्फ तमिलनाडु में डीएमके की अगुआई वाला उसका गठबंधन जीत सका। कांग्रेस कार्यसमिति ने कोरोना संकट को ध्यान में रखते हुए पार्टी अध्यक्ष का चुनाव स्थगित कर दिया है। पहले जून में चुनाव की संभावना थी।मोदी सरकार के खिलाफ प्रस्तावप्रधानमंत्री गलतियों के लिए प्रायश्चित करेंकार्यसमिति ने मोदी सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। इसमें कहा गया है कि सरकार कोरोना संकट के दौर में स्थितियां नहीं संभाल सकी। प्रधानमंत्री अपनी गलतियों के लिए प्रायश्चित करें। वे लोगों की सेवा केे लिए प्रतिबद्ध हों। प्रधानमंत्री निजी एजेंडों के कारण लोगों के कष्टों से बेखबर दिख रहे हैं। संभव है कि सरकार कोरोना संक्रमण और इससे मौतों के सही आंकड़े भी नहीं जारी कर रही हो। राज्यों को पर्याप्त ऑक्सीजन और वैक्सीन देने की मांग भी उठी।


Source: Dainik Bhaskar May 11, 2021 02:08 UTC



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