बीजिंग की बायोटेक कम्पनी सिनोवेक का दावा, वैक्सीन के 100 मिलियन डोज तैयार करने का लक्ष्य हैशोधकर्ताओं के मुताबिक, तीसरे दौर के लिए ट्रायल के लिए चीन में पर्याप्त मरीज नहीं, ब्रिटेन से बातचीत जारीदैनिक भास्कर May 31, 2020, 12:40 PM ISTबीजिंग. चीन मेंबायोटेक कम्पनी सिनोवेक ने कोरोनावायरस की वैक्सीन बनाने की दिशा में काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन उसे ट्रायल के लिए मरीज नहीं मिल रहे हैं। कम्पनी का दावा है कि उसका वैक्सीन 99 फीसदी तक असरदार साबित होगा। बायोटेक कम्पनी सिनोवेक का कहना है कि हमने वैक्सीन के 100 मिलियन डोज तैयार करने का लक्ष्य रखा है।वैक्सीन का नाम रखा कोरोनावेकएकेडमिक जर्नल साइंस में प्रकाशित शोध के मुताबिक, कम्पनी ने वैक्सीन का नाम "कोरोनावेक" रखा है। ट्रायल में पाया गया है कि यह बंदर को कोरोनावायरस से सुरक्षित रखती है। शोधकर्ता का कहना है कि अगले दौर के ट्रायल के लिए चीन में कोविड-19 के मरीजों की संख्या का कम होना सबसे बड़ी समस्या है।तीसरे दौर के ट्रायल के लिए ब्रिटेन से बातचीत जारीकम्पनी अपने दूसरे दौर का ट्रायल कर रही है जिसमें 1 हजार वॉलंटियरों को शामिल किया गया है। वैक्सीन का तीसरा ट्रायल ब्रिटेन में किया जाना है और इसके लिए बातचीत चल रही है। शोधकर्ता लुओ बायशन का कहना है कि मैं 99 फीसदी तक निश्चिंत हूं कि ये वैक्सीन कारगर साबित होगी।तस्वीर बायोटेक कम्पनी सिनोवेट के लैब की है जहां दूसरे चरण का ट्रायल चल रहा है।हाई रिस्क जोन वालों को प्राथमिकताकम्पनी के सीनियर डायरेक्टर हेलेन येंग का कहना है कि हम तीसरे दौर के ट्रायल के लिए ब्रिटेन और यूरोपीय देश से बातचीत कर रहे हैं। अभी यह शुरुआती दौर में है। वैक्सीन के प्रोडक्शन से पहले रिसर्च पूरी होना बेहद जरूरी है। इसके ट्रायल में सफल होने पर अप्रूवल के बाद सबसे पहले उन्हें दी जाएगी, जो हाई रिस्क जोन में हैं।इधर, ऑक्सफोर्ड ब्रिटेन को पहले वैक्सीन देने की तैयारी मेंदुनियाभर के वैज्ञानिक वैक्सीन तैयार करने की रेस में हैं। वैक्सीन तैयार होने के बाद भी सभी देशों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है, बड़े स्तर पर इसे तैयार करना और उपलब्ध कराना। देश अपनी ही जनसंख्या में कैसे वैक्सीन देने की प्राथमिकता तय करेंगे। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर वैक्सीन तैयार कर रही ड्रग कम्पनी एस्ट्राजेने का का कहना है कि ब्रिटेन पहला देश होगा, जिसे सबसे पहले हमारी वैक्सीन मिलेगी।
Source: Dainik Bhaskar May 31, 2020 00:17 UTC