ग्रॉसरी, फार्मा, फर्नीचर से लेकर दूध और कपड़ों से जुड़ी कई बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने की योजना - Dainik Bhaskar - News Summed Up

ग्रॉसरी, फार्मा, फर्नीचर से लेकर दूध और कपड़ों से जुड़ी कई बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने की योजना - Dainik Bhaskar


Hindi NewsBusinessMukesh Ambani In Talks To Buy Several Retail Ecommerce Firmsरिटेल ई-कॉमर्स के किंग बनेंगे मुकेश अंबानी: ग्रॉसरी, फार्मा, फर्नीचर से लेकर दूध और कपड़ों से जुड़ी कई बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने की योजनानई दिल्ली 4 घंटे पहलेकॉपी लिंकवीडियोरिलायंस ज़ीवम के लिए 160 मिलियन डॉलर का पेमेंट कर सकती है जबकि अर्बन लैडर के लिए लगभग 30 मिलियन और नेटमेड्स के लिए120 मिलियन डॉलर का पेमेंट कर सकती है।अमेजन को टक्कर देगी रिलायंस इंडस्ट्रीज, अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने पर चल रही है बातआरआईएल की किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार भी खरीदने को लेकर बातचीत चल रही हैदेश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ई-कॉमर्स के क्षेत्र में अपनी पहुंच को और मजबूत करने के लिए कई बड़ी कंपनियों को खरीदने जा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक मुकेश अंबानी Amazon.com को टक्कर देने के लिए कुछ स्थानीय ऑनलाइन रिटेलर्स को खरीदने की कोशिश में हैं।रिटेल और टेलीकम्युनिकेशन इंडस्ट्री तक फैला है अंबानी का कारोबाररिलायंस इंडस्ट्रीज का बिजनेस ईंधन से लेकर रिटेल और टेलीकम्युनिकेशन इंडस्ट्री तक फैला हुआ है। खबर है कि मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अब फर्नीचर आउटलेट, अर्बन लैडर, लॉन्जरी ब्रांड, जिवामे और ऑनलाइन फार्मा स्टोर नेटमेड्स में हिस्सेदारी खरीद सकती है।इन कंपनियों की हिस्सेदारी खरीदेंगे अंबानीरिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस जिवामे के लिए 160 मिलियन डॉलर का पेमेंट कर सकती है जबकि अर्बन लैडर के लिए लगभग 30 मिलियन और नेटमेड्स के लिए120 मिलियन डॉलर का पेमेंट कर सकती है। दूध बनाने वाली कंपनी मिल्क बॉस्केट में भी कंपनी हिस्सेदारी खरीदने की योजना बना रही है। बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म में मुकेश अंबानी ने हिस्सेदारी बेचकर हाल में 20 अरब डॉलर से अधिक की राशि जुटाई है।फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार भी खरीदेगी अंबानीआरआईएल की किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप के रिटेल कारोबार भी खरीदने को लेकर बातचीत चल रही है। खबर के मुताबिक, जल्द ही दोनों कंपनियों में डील की घोषणा हो सकती है। डील अपने आखिरी फेज पर है। फ्यूचर के रिटेल बिजनेस के बिकने से पहले फ्यूचर रिटेल लिमिटेड, फ्यूचर कंज्यूमर, फ्यूचर लाइफ स्टाइल फैशन, फ्यूचर सप्लाई चेन और फ्यूचर मार्केट नेटवर्क का फ्यूचर एंटरप्राइजेज लिमिटेड में विलय हो जाएगा। फ्यूचर ग्रुप पर मुकेश अंबानी का मालिकाना हक हो जाएगा।अर्बन लैडर से कई महीनों से चल रही बातचीतअर्बन लैडर की खरीदारी को लेकर आरआईएल की बातचीत पिछले कई महीनों से चल रही है। अब यह बातचीत एडवांस स्टेज में पहुंच गई है। इस मामले से वाकिफ लोगों का कहना है कि यह डील 30 मिलियन डॉलर के आसपास की हो सकती है। इसी तरह से अमेजन और बिगबास्केट से डील फेल होने के बाद मिल्क बास्केट और रिलायंस काफी नजदीक आ गए हैं।2012 में शुरू हुई थी अर्बन लैडरअर्बन लैडर एक ई-कॉमर्स स्टार्टअप है। इसकी स्थापना जुलाई 2012 में बेंगलुरु में हुई थी। आशीष गोयल और राजीव श्रीवास्तव अर्बन लैडर के को-फाउंडर हैं। अर्बन लैडर ऑनलाइन फर्नीचर बिक्री का कारोबार करती है। इस स्टार्टअप का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में होम सॉल्यूशन उपलब्ध कराना है। इस स्टार्टअप पर 25 से ज्यादा कैटेगरी में 1000 से ज्यादा प्रोडक्ट उपलब्ध हैं।


Source: Dainik Bhaskar August 18, 2020 11:03 UTC



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