बुलंदशहर, जेएनएन। भीषण गर्मी का सीधा असर आमजन पर पड़ रहा है। गर्मी बढ़ते ही अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी की लाइन, दवा वितरण काउंटर हो या फिर डाक्टर का कक्ष, सभी जगह भीड़ बढ़ने से मरीजों को इलाज कराने में परेशानी उठानी पड़ रही है। भीड़ बढ़ने से चिकित्सक भी परेशान दिख रहे हैं।खुर्जा क्षेत्र में निजी और सरकारी अस्पतालों में गर्मी के कारण मरीजों की संख्या में काफी इजाफा देखने को मिल रहा है। ऐसे में जहां खुर्जा के सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ इस अस्पताल में चिकित्सकों की कमी मरीजों को परेशानी में डाल रही है। कुछ ही चिकित्सकों पर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों का भार है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण वह भी किसी भी मरीज को अधिक समय नहीं दे पा रहे है। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों की तरफ रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। गर्मी के कारण सबसे ज्यादा उल्टी-दस्त व पेट दर्द की बीमारी से परेशान लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। जिससे सरकारी और निजी अस्पतालों में दो गुना ओपीडी हो रही है। जिनमें से आधे मरीज लूज मोशन, डायरिया, वायरल फीवर, पीलिया, एलर्जी की वजह से सांस में दिक्कत, डीहाइड्रेशन, फूड प्वाइजनिग, फेफड़ों की एलर्जी व इन्फैक्शन जैसी बीमारियां से ग्रस्त पहुंच रहे हैं।बच्चे हो रहे ज्यादा बीमारगर्मी का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ रहा है। गर्मी में बच्चों के बीमार होते ही अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। गर्मी के कारण उल्टी दस्त, बुखार, पेट में दर्द, सांस की बीमारी आदि रोग बच्चों में हो रहे हैं। ज्यादातर बच्चे उल्टी दस्त के अलावा वायरल फीवर से भी परेशान हो रहे हैं। खुर्जा के लार्डस हास्पिटल के चिकित्सक डा. दिनेशपाल का कहना है कि गर्मी में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चे दूषित पानी या फिर अन्य चीज खा लेते हैं। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गर्मी से बचाव के लिए बच्चे का ख्याल रखना चाहिए।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Jagran
Source: Dainik Jagran June 10, 2019 17:26 UTC