क्‍या ईरान में स्‍टारलिंक को मंजूरी है, अगर नहीं तो लोगों के पास कहां से आ गई सैटेलाइट इंटरनेट किट? - News Summed Up

क्‍या ईरान में स्‍टारलिंक को मंजूरी है, अगर नहीं तो लोगों के पास कहां से आ गई सैटेलाइट इंटरनेट किट?


लेखक के बारे में प्रेम त्रिपाठी प्रेम त्रिपाठी, नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में असिस्‍टेंट एडिटर हैं। बीते 14 साल से पत्रकार‍िता में हैं और 10 साल से टेक्‍नोलॉजी बीट को कवर रहे हैं। इन्‍होंने देश के बड़े अखबारों नवभारत टाइम्‍स, अमर उजाला, हिंदुस्‍तान में काम किया है। एनडीटीवी गैजेट्स 360 में कई वर्षों तक टेक्‍नोलॉजी पर लिखा है। यह टेक-गैजेट न्‍यूज के साथ-साथ गैजेट रिव्‍यूज, टिप्‍स ट्रिक्‍स, इंडस्‍ट्री स्‍टोरी, इंटरव्‍यू का अनुभव रखते हैं। टेक की उभरती हुईं बीट्स जैसे- आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस (एआई न्‍यूज), इंटरनेट ऑफ थिंग्‍स, डिफेंस टेक पर लिखते रहे हैं। इन्‍होंने गैजेट्स 360 के लिए वीडियोज बनाए हैं। कुमाऊं विश्‍वविद्यालय, नैनीताल से बीएससी के बाद माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से मास कम्‍युनिकेशन में मास्‍टर्स क‍िया है। इनकी लिखी किताब ‘है गौ’ को अमर उजाला फाउंडेशन ने प्रकाशित किया था।... और पढ़ें


Source: Navbharat Times January 13, 2026 08:06 UTC



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