प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना देश में स्वास्थ्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने का काम करेगी। इस योजना का बजट लगभग 65 हजार करोड़ रूपए होगा। PMASBY की सहयता से सार्वजिक स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने का काम किया जायेगा। विशेष रूप से इस योजना के माध्यम से देश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के बीच देखभाल की सुविधा और स्वास्थ्य के प्राथमिक देखभाल के बीच के गैप को कम करना है।2. इस योजना के माध्यम से देश के 10 प्रमुख राज्यों में सरकार की तरफ से 17,788 ग्रामीण स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों स्थापित किये जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में 11,024 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्रों की स्थापना की जाएगी।इसे भी पढ़ें : क्या नहीं आएगी देश में कोरोना की तीसरी लहर? 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले जिलों में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की स्थापना की जाएगी, जिसकी सहायता से क्रिटिकल केयर के सुविधाएं स्थापित होंगी। इसके अलावा बाकी जिलों को रेफरल के माध्यम से जोड़ा जायेगा।4. देश भर में मेडिकल लैब्स का नेटवर्क तैयार किया जायेगा। जिसके माध्यम से सार्वजानिक स्वास्थ्य प्रणाली में नैदानिक यानी जांच की सुविधा को मजबूती दी जाएगी।5. प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (PMASBY) योजना के माध्यम से देश में स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करना, हेल्थ के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना और स्वास्थ्य के क्षेत्र में पेशेवरों की उपलब्धता को बढ़ाना है। इसके साथ ही इस योजना के माध्यम से देश भर में मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों के मौजूदा ढाँचे में सुधार करना है।(main image source - jagran.com)
Source: Dainik Jagran October 25, 2021 19:33 UTC