दिसंबर के अंत तक अमेरिका में 2 वैक्सीन इससे पहले फाइजर की वैक्सीन ने भी इस महामारी के खिलाफ 90 फीसदी से ज्यादा प्रभाव दिखाया है। माना जा रहा है कि अमेरिका दिसंबर तक दो वैक्सीन को आपातकालीन मंजूरी दे सकता है। इसके साथ ही इस वर्ष के अंत (2020 के अंत) तक वैक्सीन के 6 करोड़ डोज उपलब्ध हो जाएंगे।बड़े पैमाने पर किया गया है मॉडर्ना का परीक्षण फाइजर और बायोटेक दोनों की वैक्सीन का गहनता से बड़े पैमाने पर परीक्षण किया गया है। मॉडर्ना की स्टडी में 30 हजार वॉलनटिअर्स ने हिस्सा लिया था। इनमें से आधे लोगों को 28 दिनों में दो डोज दिए गए जबकि आधे लोगों को उसी शेड्यूल में प्लेसिबो (नकली वैक्सीन) के दो डोज दिए गए।भारत में कोरोना वैक्सीन कब तक? उधर, दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता फर्म सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि भारत को दिसंबर तक ब्रिटेन की दवा कंपनी ऐस्ट्राजेनेका की ओर से विकसित की जा रही कोरोना वैक्सीन के 10 करोड़ डोज मिल सकते हैं।भारत में भी मिल सकती है इमर्जेंसी मंजूरी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के सीईओ अदार पूनावाला कहते हैं कि यदि आखिरी चरण के ट्रायल डेटा में ऐस्ट्राजेनेका के टीकाकरण के बाद वॉलनटिअर्स को वायरस के खिलाफ सुरक्षित पाया गया तो दिसंबर तक नई दिल्ली से टीकाकरण के लिए आपातकालीन मंजूरी मिल सकती है। बता दें कि सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने वैक्सीन के कम से कम 100 करोड़ डोज बनाने के लिए समझौता किया है।
Source: Navbharat Times November 16, 2020 12:57 UTC