केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के खाली पड़े करीब सात हजार पदों पर भर्ती का रास्ता साफ - News Summed Up

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के खाली पड़े करीब सात हजार पदों पर भर्ती का रास्ता साफ


केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के खाली पड़े करीब सात हजार पदों पर भर्ती का रास्ता साफनई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के खाली पड़े करीब सात हजार पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी बुधवार को शिक्षकों की भर्ती में आरक्षण से जुड़े अध्यादेश को पारित कर दिया है। इसके तहत शिक्षकों की भर्ती विभाग की जगह विश्वविद्यालय या कालेजों को ही इकाई मानकर होगी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब यह कानून का रूप ले लेगा। लोकसभा ने इसे सोमवार को पारित कर दिया था।राज्यसभा में बुधवार को मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शिक्षकों के आरक्षण से जुड़े केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान अध्यादेश-2019 और इनमें सामान्य वर्ग के गरीबों को दिए गए दस फीसद आरक्षण को शामिल करने का अध्यादेश पेश किया। जिस पर करीब तीन घंटे की लंबी चर्चा हुई। इस दौरान पूरे सदन ने एक जुट अध्यादेश का समर्थन किया। हालांकि इस दौरान विपक्ष ने विश्वविद्यालयों में बैकलाग के खाली पदों को भरने की मांग की।वहीं पोखरियाल ने कहा कि इस अध्यादेश के पारित होने से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में खाली पड़े सात हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तुरंत शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश से विश्वविद्यालय और कालेजों को ही इकाई मानकर आरक्षण रोस्टर तैयार किया जाएगा।विश्वविद्यालय के आरक्षण रोस्टर को लेकर विवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें कोर्ट ने विश्वविद्यालय की जगह विभाग को इकाई मानकर आरक्षण रोस्टर तैयार करने को कहा था। इस फैसले को अनुसूचित जाति जनजाति के खिलाफ बताया गया था।केंद्र सरकार ने भी इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए विभाग को इकाई मानने का आदेश दिया था। चुनाव के ठीक पहले आए इस फैसले के बाद सरकार इसे लेकर एक विधेयक लेकर आयी। साथ ही सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को विश्वविद्यालय को ही इकाई मानकर शिक्षकों की भर्ती करने का आदेश दिया।हालांकि भर्ती प्रक्रिया शुरू हो पाती, इस बीच सामान्य वर्ग के गरीबों को दिए गए दस फीसद आरक्षण में इनमें शामिल न किए जाने से सरकार को फिर से बैकफुट पर आना पड़ा था। बाद में इसे लेकर सरकार का एक नया आदेश जारी करना पड़ा था।Posted By: Nitin Arora


Source: Dainik Jagran July 03, 2019 16:39 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */