बाराबंकी : कृषि सुधार कानूनों को समाप्त किए जाने की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने गुरुवार को छाया चौराहा से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार एसपी सिंह को सौंपा। कलेक्ट्रेट के गेट पर प्रदर्शनकारियों को रोका गया तो वहीं बैठकर धरना देने लगे। पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई।कांग्रेस अनुसूचित विभाग मध्य जोन के कार्यकारी अध्यक्ष तनुज पुनिया ने कहा कि किसान विरोधी काले कानूनों को वापस लेने के किसान संगठनों की मांग का कांग्रेस समर्थन करती है। प्रधानमंत्री मोदी को अपना अहंकार त्याग कर किसान संगठनों की मांग माननी चाहिए। कांग्रेस के प्रदेश सचिव ज्ञानेश शुक्ला ने कहा कि देश का किसान सड़कों को पर उतरकर प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। इसका खामियाजा उसे आने वाले चुनावों में भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मो. मोहसिन ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के मुद्दे पर उनके साथ है। इसको लेकर धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को जगाने का काम करेगी। जिला प्रभारी कामराज यादव, पूर्व विधायक राजलक्ष्मी वर्मा, नगर राजेंद्र वर्मा, सरजू शर्मा, इरफान कुरेशी, गौरी यादव, प्रीति शुक्ला, ज्ञानेश शुक्ला, सुरेश वर्मा, रामहरख रावत, विजय पाल गौतम शामिल रहे।-------------जिला जज से मिले वकील, सौंपा आठ सूत्री मांगपत्रबाराबंकी : तहसील बार एसोसिएशन हैदरगढ़ के पदाधिकारियों व अधिवक्ताओं ने गुरुवार को जनपद न्यायाधीश से मुलाकात की। अधिवक्ताओं ने अपनी आठ सूत्री मांगों से जनपद न्यायाधीश को अवगत कराया। हैदरगढ़ तहसील बार अध्यक्ष अचल कुमार मिश्रा, महामंत्री हरिश्चंद्र सिंह, निवर्तमान अध्यक्ष यशकरन तिवारी व वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश बख्श सिंह ने बताया कि वर्ष 2003 में तहसील मुख्यालय पर सिविल जज (जूनियर डिविजन) की स्थापना होने के बाद अभी तक थानों का क्रिमिनल केस का ट्रायल शुरू नहीं हो सका है। इस कारण फौजदारी के वादों की पैरवी के लिए 55 किलोमीटर दूर बाराबंकी जाना पड़ता है। वकीलों के बैठने के लिए अभी तक चैंबर का निर्माण, टिन शेड, पेयजल, कैंटीन, स्टांप वेंडर जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसके अलावा हैदरगढ़, सुबेहा थाना की सम्मन ट्रायल पत्रावलियां जो मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश 23 मार्च 2017 के बाद अपर मुख्य न्यायाधीश न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या 16 व 17 जनपद न्यायालय पर अविधिक रूप से भेजी गई है। उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या 24 को वापस भेजी जाए।शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप
Source: Dainik Jagran February 25, 2021 18:11 UTC