कूटनीति / ट्रम्प उत्तर कोरिया पहुंचने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति, किम से तीसरी बार मिले - News Summed Up

कूटनीति / ट्रम्प उत्तर कोरिया पहुंचने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति, किम से तीसरी बार मिले


कोरिया की सीमा में प्रवेश करने वाला पहला राष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल करना ‘महान अनुभूति- ट्रम्पट्रम्प-किम की पहली मुलाकात पिछले साल 12 जून को सिंगापुर में हुई थीइसके बाद 28 फरवरी को वियतनाम में दूसरी बार दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थीजी-20 समिट में ट्रम्प ने कोरियाई सीमा के असैन्य क्षेत्र में किम से मीटिंग का ऐलान किया थाDainik Bhaskar Jun 30, 2019, 02:58 PM ISTसियोल. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कोरियाई प्रायद्वीप के असैन्य क्षेत्र (डीमिलिट्राइज्ड जोन, डीएमजेड) में रविवार को उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन से मुलाकात की। इससे पहले ट्रम्प ने जी-20 समिट में किम से मिलने का ऐलान किया था। ट्रम्प ने कहा था कि उत्तर कोरिया से अमेरिका के से संबंध बेहतर हुए हैं। पिछले एक साल में दोनों नेताओं की यह तीसरी मुलाकात है। यह दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच पहली त्रिपक्षीय बैठक भी है।इससे पहले ट्रम्प ने यहां दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन के साथ भी मुलाकात की। इसके बाद ट्रम्प ने कहा कि हम उत्तर कोरिया की सीमा पर जा रहे हैं और चेयरमैन किम के साथ बैठक करूंगा। मैं उनसे मिलने के लिए उत्सुक हूं। हमारे संबंध बहुत अच्छे हो गए हैं। असैन्य क्षेत्र 1950-53 के युद्ध के बाद से कोरियाई प्रायद्वीप की विभाजक रेखा है। ट्रम्प ने शनिवार को ट्वीट कर किम को कोरियाई प्रायद्वीप के असैन्य क्षेत्र में मुलाकात के लिए आमंत्रित किया था।किम को व्हाइट हाउस आने के लिए आमंत्रित करेंगे ट्रम्पकिम ने उत्तर कोरिया की सीमा में प्रवेश करने के ट्रम्प के निर्णय पर उन्हें धन्यवाद दिया। वहीं, ट्रम्प ने कहा, ‘‘यदि किम नहीं आते तो मुझे बुरा लगता। मैं किम को अभी व्हाइट हाउस आने के लिए आमंत्रित करूंगा।’’ इससे पहले ट्रम्प ने मीडिया से कहा कि उ. कोरिया की सीमा में प्रवेश करने वाला पहला राष्ट्रपति बनने का गौरव हासिल करना ‘महान अनुभूति’ है। ऐसा होना सम्मान की बात भी है।इस दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ, वित्त मंत्री स्टीवन मेनुचिन, ट्रम्प की बेटी इवांका और उनके दामाद और सलाहकार जेरेड कुशनर भी मौजूद थे।ट्रम्प, किम और मून की पहली बैठकइससे पहले मून ने कहा था कि अगर ट्रम्प और किम एक दूसरे से मिलते हैं तो वह भी अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ असैन्य क्षेत्र की यात्रा पर जाएंगे। यह ऐतिहासिक घटना होगी। कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त बनाने के उद्देश्य से पिछले कुछ महीनों से किम और ट्रम्प के बीच बातचीत के कई प्रयास हुए हैं।परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर दो बार मुलाकात हुईकोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु निरस्त्रीकरण करने को लेकर ट्रम्प और किम के बीच पिछले साल जून में सिंगापुर में पहली बैठक हुई थी। इसके बाद इस साल फरवरी में वियतनाम की राजधानी हनोई में दोनों नेताओं के बीच दूसरी बैठक हुई थी जो विफल रही थी। दोनों नेताओं के बीच एक साल के भीतर यह दूसरी शिखर बैठक थी।अप्रैल में पुतिन से मिलने रूस गए थे किमफरवरी में ट्रम्प और किम की दूसरी मुलाकात हनोई (वियतनाम) में हुई थी। दोनों नेताओं के बीच की मुलाकात बिना किसी समझौते के ही खत्म हो गई थी। ट्रम्प-किम पहली बार पिछले साल 12 जून को सिंगापुर में मिले थे। इस दौरान किम ने किसी भी तरह के परमाणु परीक्षण न करने की बात कही थी। इस साल अप्रैल में किम पहली बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने रूस पहुंचे थे। इस दौरान दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक रिश्तों पर बात की थी। पुतिन ने कहा था कि वह उत्तर कोरिया में तनाव कम करना चाहते हैं।जिनपिंग ने जून में किम से मुलाकात की थीहाल ही में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के ऐतिहासिक दौरे पर पहुंचे थे। दोनों नेताओं के बीच परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों को लेकर बातचीत हुई थी। जिनपिंग बीते 14 साल में उत्तर कोरिया आने वाले पहले चीनी राष्ट्रपति हैं।पिछले साल किम जोंग उन 4 बार चीन गए थे।


Source: Dainik Bhaskar June 30, 2019 07:05 UTC



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