संवाद सूत्र, कप्तानगंज, (कुशीनगर)। गोरखपुर-नरकटियागंज रेल खंड के दोहरीकरण का कार्य शुरू हुए लगभग तीन वर्ष बीत गए, लेकिन परियोजना अभी भी अधूरी है। गोरखपुर कैंट से कप्तानगंज स्टेशन के बीच पहले चरण का कार्य चल रहा है। इसे पूरा करने के लिए रेलवे ने तीन वर्ष का लक्ष्य रखा था, लेकिन तय समय सीमा में कार्य पूरा हो जाएगा, ऐसा दिख नहीं रहा है। अभी मिट्टी का कार्य चल रहा, परियोजना की धीमी गति पर लोग चिंता जता रहे हैं।गोरखपुर-नरकटियागंज रेल खंड पर मालगाड़ियों के निर्वाध आवागमन व एक्सप्रेस व सवारी गाड़ियों के संचालन में सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर रेल मंत्रालय ने मार्च 2023 में दोहरीकरण की स्वीकृति प्रदान की थी। गोरखपुर कैंट से वाल्मीकिनगर तक 87 किलोमीटर लंबे रेल खंड के दोहरीकरण की परियोजना के लिए 1269 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। परियोजना पांच चरणों में पूरी की जानी है।पहले चरण में गोरखपुर कैंट से कप्तानगंज तक लगभग 36 किलोमीटर लंबी दूसरी रेल लाइन बिछाई जा रही है। इसके लिए 310 रुपये अवमुक्त हुए थे। परियोजना में गोरखपुर कैंट, उनौला, पिपराइच, बोदरवार, कप्तानगंज समेत 10 स्टेशनों पर बेहतर क्रासिंग की सुविधा उपलब्ध कराया जाना है। साथ ही कुशीनगर के महुअवा खुर्द और महराजगंज के गुरलीराम गढ़वा को हाल्ट स्टेशन के रूप में विकसित किया जाना है।
Source: Dainik Jagran March 17, 2026 07:08 UTC