नई दिल्ली (पीटीआइ)। गिरती ब्याज दरों को देखते हुए सरकार ने किसान विकास पत्र (KVP) में निवेश किए गए धन को दोगुना करने के लिए 1 महीने की समयावधि को बढ़ाकर 9 साल और 5 महीने कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने किसान विकास पत्र में संशोधन करते हुए कहा कि केवीपी में 1 जुलाई, 2019 से धनराशि '9 साल और 5 महीने' या '9 साल और 4 महीने' के मुकाबले 113 महीने में दोगुनी हो जाएगी।केवीपी पर ब्याज दर सितंबर तिमाही के लिए घटाकर 7.6 फीसद कर दी गई है, जबकि अप्रैल-जून की अवधि में यह 7.7 फीसद थी। सरकार के छोटे बचत साधनों पर ब्याज दर हर तिमाही में संशोधित की जाती है। व्यक्ति अपने पैसे को बचत केवीपी में 1,000 रुपये के गुणक में निवेश कर सकते हैं। केवीपी 1,000 रुपये, 5,000 रुपये, 10,000 रुपये और 50,000 रुपये के मूल्यवर्ग में जारी किए जाते हैं।मालूम हो कि केवीपी डाकघरों में बेचे जाते हैं और प्रमाण पत्र जारी करने की तारीख से ढाई साल बाद इनकैश किया जा सकता है। दो-ढाई साल बाद समय से पहले निकासी के मामले में एक व्यक्ति को निवेश किए गए प्रत्येक 1,000 रुपये के लिए 1,173 रुपये मिलेंगे। 3 साल बाद यह राशि 1,211 रुपये हो जाएगी और साढ़े तीन साल के बाद यह राशि 2525 रुपये हो जाएगी। निकाली जाने वाली राशि धीरे-धीरे समय के साथ बढ़ती जाएगी और 9 साल और 5 महीने के बाद दोगुनी हो जाएगी।Posted By: Nitesh
Source: Dainik Jagran July 23, 2019 13:41 UTC