Hindi NewsLocalDelhi ncrThere Are No Mandis In Kerala, Why Don't Those Who Mislead Farmers Agitate: ModiAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपकिसान आंदोलन: केरल में मंडियां हैं ही नहीं, किसानों को गुमराह करने वाले वहां क्यों नहीं करते आंदोलन: मोदीनई दिल्ली 6 घंटे पहलेकॉपी लिंकफाइल फोटोसरकार के वार्ता प्रस्ताव पर 24 घंटे बाद भी किसानों ने नहीं लिया फैसलाप्रधानमंत्री ने 6 राज्यों के किसानों से की बात, 9 करोड़ किसानों के खाते में ट्रांसफर किए पैसेपीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 6 राज्यों के किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। पीएम ने कहा कि पूरे देश के किसानों को किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है, सभी विचारधारा की सरकारें इससे जुड़ी हैं। लेकिन कुछ दलों को आजकल एपीएमसी-मंडियों की बहुत याद आ रही है। लेकिन ये भूल जाते हैं कि केरल में एपीएमसी-मंडियां हैं ही नहीं। वहां ये लोग कभी आंदोलन नहीं करते।मैं इन दलों से पूछता हूं कि यहां फोटो निकालने के कार्यक्रम करते हो, जरा केरल में आंदोलन कर वहां तो एपीएमसी चालू कराओ। पंजाब के किसानों को गुमराह करने के लिए आपके पास समय है, केरल में यह व्यवस्था शुरू कराने के लिए आपके पास समय नहीं। क्यों आप लोग दोगली नीति लेकर चल रहे हो।पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत देश के 9 करोड़ किसानों के खाते में 18 हजार करोड़ रु. की राशि ट्रांसफर की। वहीं सरकार की तरफ से किसान नेताओं को भेजे गए वार्ता प्रस्ताव पर 24 घंटे बीतने के बाद भी किसान नेता कोई निर्णय नहीं ले पाए। अब शनिवार को मीटिंग होगी, जिसमें इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी।पीएम की विशेष बातेंपिछले दिनों अनेक राज्यों, चाहे असम हो, राजस्थान हो, जम्मू-कश्मीर हो, इनमें पंचायतों के चुनाव हुए। इनमें प्रमुखता से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने, किसानों ने ही भाग लिया। उन्होंने एक प्रकार से किसानों को गुमराह करने वाले सभी दलों को नकार दिया है। सरकार किसान के साथ हर कदम पर खड़ी है।हमने लंबे समय से लटकी स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, लागत का डेढ़ गुना एमएसपी किसानों को दिया। पहले कुछ ही फसलों पर एमएसपी मिलता थी, हमने उनकी भी संख्या बढ़ाई।कृषि सुधार के जरिए हमने किसानों को बेहतर विकल्प दिए हैं। आप जहां चाहें जिसे चाहें अपनी उपज बेच सकते हैं।कृषि कानून को लेकर झूठ फैलाए जा रहे हैं। एमएसपी और मंडी पर अफवाह जारी है, कानून लागू हुए कई महीने हो गए हैं, लेकिन क्या किसी को कोई नुकसान हुआ है।किसान आंदोलन में सभी गलत लोग नहीं हैं, कुछ भोले किसानों को भड़काया जा रहा है। पहले एमएसपी पर फसल बेची गई और उसके बाद आंदोलन को हवा दी गई।देश के किसान को इतने अधिकार मिल रहे हैं तो इसमें गलत क्या है? अगर किसानों को अपनी उपज बेचने का विकल्प ऑनलाइन माध्यम से पूरे साल और कहीं भी मिल रहा है तो इसमें गलत क्या है? पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोग देश में अफवाह फैला रहे हैं कि कॉट्रैक्ट फार्मिंग से किसानों से की जमीन छिन जाएगी।टिकरी बॉर्डर पर 1 और किसान की मौत, रेवाड़ी में जयपुर जाने वाला रास्ता रोकाटिकरी बॉर्डर पर कैथल के सेरधा के किसान अमरपाल की मौत हो गई। डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से मौत की आशंका जताई है। उधर, किसानों ने कलायत में राज्यमंत्री कमलेश ढांडा के काफिले का घेराव कर काले झंडे दिखाए। गुहला चीका में जजपा विधायक ईश्वर सिंह का घेराव कर इस्तीफा मांगा। रेवाड़ी में राजस्थान बॉर्डर पर दिल्ली के साथ जयपुर की ओर भी हाईवे बंद कर दिया है।सिरसा में नेशनल हाईवे के बाद जिले के गांवों के रास्ते बंद कराने की तैयारी है। हरियाणा की रेवाड़ी पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए सीआईएसएफ, आरएएफ, वाटर कैनन की गाड़ियां व हाईवे पर कंटेनर लगाकर रास्ता बंद किया था। करीब एक घंटे तक किसानों व पुलिस के बीच तनातनी का माहौल रहा।बाद में किसान हाईवे पर ही बैठ गए। खेड़ा बॉर्डर पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार की रात को भी तीन जत्थों में गुजरात व महाराष्ट्र से करीब तीन हजार किसान पहुंचे हैं। वहीं शनिवार को राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल भी अपने समर्थकों के साथ बॉर्डर पर दिल्ली जाने के लिए पहुंचेंगे। सांसद ने पहले से ही चेतावनी दी है कि किसानों के साथ दिल्ली जाएंगे।
Source: Dainik Bhaskar December 25, 2020 23:37 UTC