ओलिंपिक इवेंट: भारत से शुरू हुए बैडमिंटन में चीन की महारत, ओलिंपिक में 18 गोल्ड जीते; 2 मेडल जीतने वाले भारत को अब भी गोल्ड का इंतजार - News Summed Up

ओलिंपिक इवेंट: भारत से शुरू हुए बैडमिंटन में चीन की महारत, ओलिंपिक में 18 गोल्ड जीते; 2 मेडल जीतने वाले भारत को अब भी गोल्ड का इंतजार


Hindi NewsSportsTokyo Olympics Badminton Rules And Regulations; Racket Weight, Points Scoring System To Service Roationओलिंपिक इवेंट: भारत से शुरू हुए बैडमिंटन में चीन की महारत, ओलिंपिक में 18 गोल्ड जीते; 2 मेडल जीतने वाले भारत को अब भी गोल्ड का इंतजारनई दिल्ली 4 घंटे पहलेकॉपी लिंकभारत के पुणे से शुरू हुए बैडमिंटन खेल में चीन ने महारत हासिल कर ली है। 1992 ओलिंपिक में पहली बार इस खेल को जगह मिली, तब से अब तक 7 सीजन में चीन ने 18 गोल्ड समेत 41 मेडल जीते हैं। इसमें भारत ने एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज ही हासिल किया। देश को अब भी गोल्ड का इंतजार है।बैडमिंटन में पहला मेडल ब्रॉन्ज के रूप में साइना नेहवाल ने 2012 के लंदन ओलिंपिक में दिलाया था। उसके बाद 2016 रियो ओलिंपिक में पीवी सिंधु ने सिल्वर मेडल हासिल किया था। लगातार दूसरी बार ओलिंपिक खेलने जा रहीं सिंधु से अब गोल्ड की उम्मीद है।1899 में खेली गई थी पहली वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिपपुणे से शुरू होने के कारण बैडमिंटन का पहला नाम पूनाई था। ब्रिटिश प्रशासन अधिकारी रिटायरमेंट के बाद इस खेल को इंग्लैंड ले गए। जहां इस खेल का नाम ‘बैडमिंटन का खेल’ रखा गया। बाद में सिर्फ बैडमिंटन हो गया। इंग्लैंड में ही इस खेल के नियम बनाए गए। 1873 में इस खेल का पहला टूर्नामेंट शुरू हुआ था। 1899 में वर्ल्ड लेवल पर पहली चैंपियनशिप खेली गई, जिसका नाम ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप था।बैडमिंटन के लिए कोर्ट, नेट, रैकेट और शटलकॉक जरूरीइस खेल में कोर्ट (मैदान), नेट, रैकेट और शटलकॉक बेहद जरूरी होते हैं। कोर्ट सिंगल्स और डबल्स मुकाबलों के लिए अलग-अलग साइज के रहते हैं। सिंगल्स के लिए कोर्ट की चौड़ाई 5.18 मीटर (17 फुट) और डबल्स के लिए चौड़ाई 6.1 मीटर (20 फुट) रहती है। दोनों ही इवेंट में कोर्ट की लंबाई 13.4 मीटर (44 फुट) ही रहती है। बीच में नेट लगी होती है, जो 1.55 मीटर (5 फीट 1 इंच) ऊंची होनी चाहिए।शटलकॉक के लिए कोई खास नियम नहीं हैं, लेकिन फुल अंडरहैंड स्ट्रोक लगाने पर शटलकॉक कोर्ट की दूसरी बाउंड्री तक जानी चाहिए। यह बात जरूर जांची जाती है। सही स्पीड का शटलकॉक दूसरी बाउंड्री से 530 मिमी पहले और 990 मिमी से दूर नहीं गिरेगा।अच्छे बैडमिंटन रैकेट का वजन तार समेत 79 से 91 ग्राम तक होता है। बैडमिंटन के अच्छे तार 0.65 से 0.73 मिमी मोटाई की रेंज में होते हैं। मोटा तार अधिक टिकाऊ होता है, लेकिन ज्यादातर खिलाड़ियों को पतले तार पसंद आते हैं। ग्रिप खिलाड़ी अपनी पसंद के हिसाब से रख सकते हैं।टोक्यो ओलिंपिक के 3 इवेंट में उतरेंगे भारतीय1992 में इस खेल को ओलिंपिक में जगह मिली। भारत से 3 प्लेयर्स ने पहली बार में ही क्वालिफाई कर लिया था, लेकिन कोई मेडल नहीं जीत सके थे। इस बार बैडमिंटन का ओलिंपिक में 8वां सीजन है। इस बार टोक्यो गेम्स के लिए भारत की तरफ से 4 खिलाड़ियों ने क्वालिफाई किया है। इनमें विमेंस सिंगल्स में पीवी सिंधु, मेंस सिंगल्स में बी साई प्रणीत के अलावा मेंस डबल्स में सात्विकसैराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने क्वालिफाई किया है।24 जुलाई से शुरू होंगे बैडमिंटन इवेंट्सटोक्यो ओलिंपिक 23 जुलाई से 8 अगस्त तक होंगे। इसमें बैडमिंटन के गेम्स 24 जुलाई से 2 अगस्त तक होंगे। पहला फाइनल मिक्स्ड डबल्स का 30 जुलाई को होगा। इसके बाद 31 जुलाई को मेंस डबल्स और 1 अगस्त को विमेंस सिंगल्स का फाइनल होगा। आखिरी दिन 2 अगस्त को विमेंस डबल्स और मेंस सिंगल्स का खिताबी मुकाबला होगा।स्कोरिंग सिस्टमखेल में 21-21 पॉइंट के 3 सेट होते हैंजो पॉइंट बनाता है, हर बार वही सर्विस करता है20 की बराबरी पर स्कोर है, तो लगातार 2 पॉइंट लेने वाला जीतता हैलगातार 2 पॉइंट लेने वाला सिस्टम 30 तक चलता हैपहला सेट जीतने वाला दूसरी बार पहले सर्विस करता हैइंटरवल और साइड चेंज


Source: Dainik Bhaskar July 07, 2021 01:52 UTC



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