जागरण संवाददाता, रांची : जाम के चलते रांची से रवाना होने वाली बसें 20 घंटे में पटना पहुंच रही हैं। जिन बसों को सुबह 5:30 बजे पटना पहुंच जाना चाहिए, वह शाम को 5:00 बजे से 7:00 बजे तक पटना पहुंच रही हैं। इससे मुसाफिर परेशान तो हो ही रहे हैं, बस संचालक भी चिता में हैं। क्योंकि, इससे गुरुवार को रांची से बिहार जाने वाली बसों को और देरी होगी। उन्हें फिक्र है कि अगर उनकी बसें जल्द नहीं लौटीं तो गुरुवार को सीट बुक कराने वाले यात्री छठ मनाने गांव कैसे जा सकेंगे।गौरतलब है कि रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड से बिहार के लिए 70 बसें चल रही हैं। इनमें से 18 पटना के लिए चलती हैं। पटना जाने वाली बसें बूटी मोड़ से शाम को 5:00 से 7:00 के बीच खुलती हैं। इन बसों को सुबह 5:00 से 7:00 के बीच पटना पहुंच जाना चाहिए। लेकिन जाम के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा है। बसों को पटना पहुंचने में 18 से 20 घंटे लग रहे हैं। बस संचालकों का कहना है कि कोडरमा और पटना में भयंकर जाम की वजह से बसें लेट हो रही हैं। हरमू के बस संचालक रोहित कुमार ने बताया कि कोडरमा में बसें तीन से चार घंटे तक जाम में फंसी रहती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बस मंगलवार की शाम 5:00 बजे बूटी मोड़ से रवाना हुई थी। यह बस बुधवार को 6:00 बजे पटना पहुंची है। रांची बस एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्ण मोहन सिंह बताते हैं कि बसों के जाम में फंसने की वजह से मुसाफिर भी नाराज होते हैं। उनकी बस पर सवार कई मुसाफिरों ने फोन कर अपनी परेशानी बताई।2 दिन बसों में बंपर बुकिग, बाद में सन्नाटारांची से बिहार जाने वाली बसों में बुधवार और गुरुवार को बंपर बुकिग है। बस संचालकों का कहना है कि लोगों को सीट नहीं मिल रही है। बसों की सीटें बुक हो गई हैं। लेकिन शुक्रवार के बाद बुकिग के लिए अभी सन्नाटा है। खादगढ़ा बस स्टैंड पर पटना के लिए टिकट बुक करने वाले सरवर का कहना है की बुकिग सिर्फ गुरुवार तक है। इसके बाद फिर इक्का-दुक्का सवारी ही सीट बुक कर रही है। छपरा के लिए टिकट बेचने वाले राजू का कहना है कि शुक्रवार से रांची से बिहार जाने वाली बसों में भीड़ भले ही नहीं हो लेकिन छपरा, मुजफ्फरनगर, पूर्णिया, दरभंगा, पटना आदि शहरों से रांची आने वाली बसों में खूब भीड़ है। शुक्रवार से लेकर चार-पांच दिनों तक बसों की सीटें बुक हो चुकी हैं।बिहार के लिए यह जा रहा मनमाना किराया : बिहार जाने वाली बसों में छठ को लेकर मनमाना किराया वसूला जा रहा है। रांची से सामान्य बस में पटना का 500 रुपये किराया है। लेकिन 700 रुपये से 800 रुपये की वसूली हो रही है। रांची से पटना स्लीपर का 700 रुपये किराया है। लेकिन बस मालिक 1000 रुपये से 1200 रुपये तक वसूल रहे हैं। रांची से गया का ढाई सौ रुपये किराया है। लेकिन अभी 300 रुपये तक की वसूली हो रही है। रांची से मुजफ्फरपुर का साढे 600 रुपये किराया है। लेकिन अभी साढे 700 रुपये वसूले जा रहे हैं। छठ पर घर पहुंचने की जल्दी में मुसाफिर बढ़ा हुआ किराया भी दे रहे हैं।केबिन में भी बैठाई जा रही सवारी : राज्य सरकार ने बसों में केबिन में सवारी बैठाने की मनाही की है। लेकिन इसके बावजूद बसों में केबिन में सवारियां बैठाई जा रही हैं। कहीं कोई देखने वाला नहीं है। यही नहीं 8 नवंबर को जिस दिन बसों का पहली बार संचालन हुआ था। बस मालिकों ने उसी दिन थर्मल स्क्रीनिग और सैनिटाइजिग की व्यवस्था की थी लेकिन अब शायद ही किसी बस में इसका इंतजाम हो।डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस
Source: Dainik Jagran November 18, 2020 23:13 UTC